Rajasthan President's Commission on Farmers Proksanvr Lal Jat died

जयपुर। राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष और सांसद प्रो.सांवर लाल जाट का बुधवार सुबह निधन हो गया। दिल्ली स्थित एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 62 वर्ष के थे, पिछले कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। जयपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में हो रही बैठक के दौरान सांवर लाल जाट को हार्ट अटैक आ गया था। समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के चलते वे कोमा में चले गए थे। शुरुआत में सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज चला। बाद में दिल्ली एम्स भर्ती कराया। करीब एक सप्ताह से अधिक समय से वे एम्स में थे। आज जैसे ही उनके निधन की सूचना मिली, राजस्थान में उनके शुभचिंतकों और भाजपा नेताओं में शोक की लहर छा गई। राजस्थान सरकार ने उनके निधन पर आज बुधवार को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। सरकारी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। दोपहर दो बजे प्रो.जाट का शव पार्टी कार्यालय लाया जाएगा, जहां उन्हें पुष्पांजिल अर्पित करके उनके शव को गांव गोपालपुरा ले जाकर अंतिम संस्कार किया जाएगा। पीएम नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, राज्यपाल कल्याण सिंह, सीएम वसुंधरा राजे, पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी समेत सभी दलों के नेताओं और मंत्रियों ने प्रो.जाट के निधन पर शोक जताया है।

– किसानों की बात बोलकर जैसे ही बैठे, तभी गिर पड़े
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की बैठक में जाने से पहले सांवर लाल जाट सवाई मानसिंह अस्पताल में डायलिसिस कराकर पहुंचे थे। उनकी दोनों किड़नियां खराब हो चुकी थी। शुगर व दूसरी तकलीफें भी थी। बैठक में जाट ने किसानों के मुद्दों पर अपना पक्ष रखा था। जैसे ही वे अपने भाषण समाप्त करके सीट की तरफ बढ़ रहे थे, तभी बैचेनी होने पर वे गिर पड़े और बेहोश हो गए। यह देख सभी ने उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए बाहर निकले, लेकिन एम्बलैंस वाहनों में फंसी होने के कारण करीब दस-पन्द्रह मिनट तक कोई चिकित्सा नहीं मिल पाई। बाद में दूसरी एम्बुलैंस से अस्पताल पहुंचाया। ऑक्सीजन नहीं मिलने से वे कोमा में चले गए।

– तीन बार विधायक रहे, मोदी सरकार में मंत्री भी
प्रो.सांवर लाल जाट वर्तमान में अजमेर संसदीय क्षेत्र से सांसद थे। वे मोदी सरकार में जल संसाधन राज्यमंत्री भी थे, लेकिन तबीयत खराब होने के चलते करीब एक साल पहले मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। राजस्थान सरकार ने उन्हें किसान आयोग राजस्थान का अध्यक्ष बनाकर केबिनेट मंत्री का दर्जा दिया। वे अजमेर की भिनाय सीट से तीन बार विधायक रहे और तीनों बार ही भाजपा सरकार में मंत्री भी रहे। वर्ष 2014 में अजमेर से सांसद निर्वाचित हुए। उन्होंने दिग्गज कांग्रेस नेता सचिन पायलट को हराया। वे हमेशा से ही किसानों के हितैषी रहे और किसानों के मुद्दों पर संघर्षरत रहे। कार्यकर्ताओं में उनकी छवि एक जुझारु, मिलनसार और खुशमिजाज नेता की रही।

कोई जवाब दें