Chief-Minister
जयपुर/अजमेर। प्रदेश के विकास में सुनहरा अध्याय जोड़ते हुए मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे और केन्द्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयन्त सिन्हा ने बुधवार को किशनगढ़ एयरपोर्ट का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए राजे ने कहा कि आज का यह दिन ऐतिहासिक है और किशनगढ़ व अजमेर के साथ-साथ पूरे प्रदेशवासियों का पांच दशकों पुराना सपना साकार हुआ है। यह सपना मैंने अपने पिछले कार्यकाल में देखा था और आज यह हकीकत में बदल गया है। अजमेर जिले के लोगों का 57 साल लम्बा इन्तजार खत्म हुआ है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जयन्त सिन्हा की शुक्रगुजार हूं। उन्होंने कहा कि इस एयरपोर्ट के शुरू होने से किशनगढ़ के विश्वविख्यात मार्बल उद्योग को गति मिलेगी। साथ ही देश-विदेश से धार्मिक नगरी पुष्कर और ख्वाजा साहब की दरगाह आने वाले श्रद्धालुओं को आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं उन्होंने 2013 में चुनाव से पहले सिर्फ पत्थर लगाने का काम किया। तत्कालीन प्रधानमंत्री  मनमोहन सिंह खाली पड़ी जगह पर पत्थर जरूर लगाकर गये लेकिन इसके बाद कोई काम नहीं हुआ। हम पत्थर लगाकर छोड़ नहीं देते हंै बल्कि काम पूरा कर जनता को समर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ किशनगढ़ ही अकेला उदाहरण नहीं है, झालावाड़ की परवन सिंचाई योजना और बाड़मेर रिफाईनरी के नाम पर भी पत्थर लगाने का काम ही हुआ। अब हम इसे हकीकत में बदल रहे हैं।
रिफाइनरी के नाम पर लादा था कर्ज का बोझ
राजे ने कहा कि पिछली सरकार ने रिफाईनरी के नाम पर चार साल निकाल दिये और चुनाव से पहले 56 हजार करोड़ रुपए का एमओयू कर प्रदेश की जनता पर कर्ज का बोझ लादने की पूरी तैयारी कर ली। अब हम अपनी शर्तों पर रिफाइनरी लगाने जा रहे हैं। इसमें प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई के 40 हजार करोड़ रुपए हमने बचाये हंै।
मुख्यमंत्री की मेहनत रंग लाई
समारोह में केन्द्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयन्त सिन्हा ने एयरपोर्ट के शुभारम्भ की बधाई दी और कहा कि यह मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के निरन्तर प्रयासों और उनकी मेहनत से ही संभव हो सकता है। उन्होंने कहा कि तकनीकी सर्वे और परीक्षण के बाद जल्द ही यहां से दिल्ली के लिए फ्लाइट शुरू हो जाऐगी।
हमने हवाई बातें नहीं की, काम किया सिन्हा ने कहा कि हवा हवाई बातें करने वाले तो बहुत हैं विकास के कार्य धरातल पर हम करके दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि उड़ान योजना के माध्यम से पैर में हवाई चप्पल पहनने वाला देश का आम नागरिक भी अब हवाई जहाज में सफर करने का अपना सपना साकार कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि 70 सालों में देश में मात्र 70 एयरपोर्ट ही दिये गए जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में मात्र 1 साल में 30 एयरपोर्ट देश को मिले है। राजस्थान में भी राज्य सरकार के सहयोग से बीकानेर, कोटा और जैसलमेर को हवाई सेवा से जोड़ा गया है। अब इस कड़ी में किशनगढ़ का नाम भी जुड़ने जा रहा है।  किशनगढ़ विधायक भागीरथ चौधरी ने इस एयरपोर्ट के लिए क्षेत्र की जनता की और से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी, महिला एवं  बाल विकास राज्य मंत्री अनिता भदेल, संसदीय सचिव सुरेश सिंह रावत, विधायक शंकर सिंह रावत, जिला प्रमुख वन्दना नोगिया, मुख्य सचिव  अशोक जैन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा आम जन उपस्थित थे।
ऐसा है नवनिर्मित किशनगढ़ एयरपोर्ट
आधुनिक सुविधाओं से युक्त किशनगढ़ एयरपोर्ट के निर्माण पर 145 करोड़ रुपए व्यय किये गये हैं। इसका रन-वे दो किलोमीटर लंबा है और इसकी टर्मिनल बिल्डिंग की क्षमता 150 यात्रियों की है। यहां रेनवाटर हारवेस्टिंग स्ट्रक्चर, एसटीपी, एलईडी लाइटिंग सिस्टम, फायर अलार्म सिस्टम, केन्द्रीयकृत पेयजल सुविधा, पैसेंजर लिफ्ट, रेस्टोरेन्ट जैसी सुविधाओं के साथ-साथ 6 चैक-इन-काउन्टर भी स्थापित किए गए हैं। यात्री एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंच सके, इसके लिए एनएच-8 से टर्मिनल बिल्डिंग तक फोरलेन सड़क बनाई है।

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