जयपुर। राजस्थान के सबसे बड़े गैंगस्टर आनंदपाल का एनकाउंटर प्रकरण खुद राज्य सरकार के लिए अब चुनौती बनकर उभरा है। एनकाउंटर के बाद जिस तरह प्रदेश का राजपूत समाज सड़कों पर उतरा है। उससे हालात तनाव भरे ही नजर आ रहे हैं। इन सबके बीच आनंदपाल के शव का एनकाउंटर के सप्ताहभर बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हुआ। उससे तो हालात विकट ही जान रहे हैं। वहीं यह प्रकरण भी अब राज्य सरकार के लिए चिंता का सबब बनता जा रहा है।

यही वजह रही कि एनकाउंटर के बाद प्रदेश के बदलते हालातों को लेकर गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया सीएम कार्यालय में नीति आयोग उपाध्यक्ष अरविंद पनगडिय़ा व सीएम वसुंधरा राजे की अहम मीटिंग को छोड़कर बेहद गोपनीय तरीके से उच्च स्तरीय मीटिंग में ही लगे रहे। इस उच्च स्तरीय मीटिंग में गुलाबचंद कटारिया के अतिरिक्त पंचायतीराज मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी व गृह विभाग के प्रमुख सचिव दीपक उप्रेती प्रदेश के हालात पर चर्चा करने में जुटे रहे। उनकी यह उच्च स्तरीय मीटिंग अनवरत 4 घंटे चली।

इस अहम बैठक के बाद गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया, राजेन्द्र राठौड़ व परनामी सीएमओ में सीएम वसुंधरा राजे के पास पहुंचे और आनंदपाल एनकाउंटर के बाद उपजे प्रदेश के हालात को लेकर अवगत कराया। बाद में ये चारों फिर से गृहमंत्री के ऑफिस में आकर वापस मीटिंग में बैठ गए। इसके बाद भी उनके बीच करीब घंटेभर तक लंबी मंत्रणा हुई। इस गोपनीय मीटिंग की किसी को कानों कान तक खबर नहीं लगी। वहीं कटारिया सहित राठौड़ ने इस मामले में किसी प्रकार की जानकारी और कुछ भी कहने से इंकार ही कर दिया।

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