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शनि को दोस्त कहने वाले शनिधाम मंदिर दिल्ली के संस्थापक दाती महाराज के खिलाफ रेप केस दायर करने वाली पीडिता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष सनसनीखेज बयान दिए हैं। पीडिता ने बयान में कहा कि दाती महाराज संत नहीं है, बल्कि जानवर है। उसने चरण सेवा के बदले मेरे से दुष्कर्म किया और जानवरों की तरह नोचा। यहीं नहीं उसके सहयोगियों ने भी उसके साथ रेप किया। डर और जान के खतरे को देखते हुए अब तक चुप रही। पीडिता ने सुरक्षा मांगते हुए कहा कि वह अभी अलग-अलग जगह पर रह रही है। उसने खुद की और परिवार की जान को खतरा बताया। दिल्ली कोर्ट के मजिस्ट्रेट के सामने पीडिता ने कहा कि चरण सेवा के नाम पर उसे दाती महाराज के पास भेजा गया।

उस रात का जिक्र करते हुए पीडिता ने कहा कि दाती महाराज सफेद कपड़े पहने हुए थे। वह एक अंधेरे गुफा जैसे कमरे में थे। दाती महाराज ने उसे आगोश में लेते हुए कहा कि मैं तुम्हारा प्रभु हूं। मैं सब वासना खत्म कर दूंगा। मैंने विरोध किया तो धमकाया। उस दिन मैंने खुद को कैद में पाया। उस रात वह रोती रही। दाती की खास सहयोगी श्रद्धा उर्फ नीतू, अशोक, अर्जुन और नीमा जोशी के साथ मिलकर 9 जनवरी 2016 को दिल्ली स्थित आश्रम शनितीर्थ में रेप किया। उस रात मैं सिर्फ दर्द से कराहती और चीखती-चिल्लाती रही। उसके बाद 26 से 28 मार्च, 2016 को राजस्थान स्थित पाली के गुरुकुल आश्रम में भी उसके साथ दाती महाराज और उनके सहयोगियों ने रेप किया। दाती के सहयोगी अनिल ने भी उसके साथ रेप किया। मेरे शरीर को जानवरों की तरह नोंचा गया। दाती की खास सहयोगी नीतू कहती थी कि यह सभी के साथ होता है। किसी को बताना मत। इससे मोक्ष मिलेगा।

यह भी एक तरह की सेवा है। तुम बाबा की हो और बाबा तुम्हारे। कल हमारे साथ ऐसा हुआ। आज तुम्हारी बारी है और कल किसी दूसरी का नम्बर आएगा। बाबा समंदर है और हम सब उसकी मछलियां है। पीडिता के बयान दिल्ली पुलिस ने दाती महाराज व उसके सहयोगियों से पूछताछ की कार्रवाई करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। वे दाती व दूसरे आरोपियों को नोटिस भेजेंगे। उनके नहीं आने पर पुलिस गिरफ्तारी की कार्रवाई करेगी। उधर, दाती महाराज भी रेप केस के बाद भूमिगत हो गए हैं। हालांकि वे मीडिया में बयान दे रहे हैं कि वे कहीं छिपे नहीं है। उन पर लगाए गए आरोप गलत है। वे कानूनी राय ले रहे हैं।

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