नई दिल्ली. नाबालिग से रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आशाराम बापू बलात्कार के एक और मामले में दोषी पाए गए। 30 जनवरी सोमवार को गुजरात के गांधीनगर कोर्ट ने महिला शिष्या से रेप के मामले में आसाराम बापू को दोषी करार दिया है। आसाराम पर सूरत की एक महिला ने करीब 10 साल पहले अहमदाबाद के मोटेरा आश्रम में बार-बार रेप करने का आरोप था। लंबी सुनवाई के बाद गांधीनगर एडिशन डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट ने सोमवार को आशाराम बापू को रेप के मामले में दोषी बताया। गांधीनगर एडिशन डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट कल यानी की मंगलवार को आशाराम बापू को रेप के इस दूसरे मामले में सजा सुनाएगी। इससे पहले जोधपुर कोर्ट ने 25 अप्रैल, 2018 को आसाराम को 2013 में अपने आश्रम में एक नाबालिग से रेप का दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी। जिसकी सजा अभी आशाराम बापू काट रहा है। जोधपुर कोर्ट के बाद अब गांधीनगर कोर्ट ने 2001 के दुष्कर्म केस में आसाराम बापू को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद 30 जनवरी को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट आसाराम को दोषी करार देने के बाद अब मंगलवार सुबह 11 बजे सजा सुनाएगी। 13 साल पुराने मामले की 2013 में एफआईआर दर्ज हुई थी। कोर्ट ने इस मामले में कुल 68 लोगों के बयान दर्ज किए। सूरत रेप केस में सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। कोर्ट ने छह आरोपियों को निर्दोष माना और आसाराम को दोषी करार दिया। रेप का यह मामला 2001 का है। लेकिन उस समय आशाराम बापू की प्रसिद्धि से डर कर उनके खिलाफ पीड़ितों ने केस नहीं किया था। जब जोधपुर वाला मामला सामने आया तब सूरत की दो लड़कियों के साथ दुष्कर्म के मामले में 2013 में केस दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने के बाद सरकार की ओर से 55 गवाहों का परीक्षण कराया गया था। सभी गवाहों के बयान विरोधाभासी होने के कारण कुल 8 में से एक आरोपी को गवाह बनाया गया। इसके अलावा सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।

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