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जयपुर। समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) में दलालों के जरिए करोड़ों रुपए के घूस काण्ड मामले में गिरफ्तार दलाल चिंरजीव कुमार जोशी की जमानत अर्जी एसीबी कोर्ट-एक के जज बलजीत सिंह ने गंभीर अपराध बताते हुए खारिज कर दी। इस मामले में कमलजीत सिंह राणावत भी गिरफ्तार हो चुका है तथा श्रम विभाग में पीएस भगवान दास सहित अन्य आरोपी फरार हैं। एसीबी ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कोर्ट को बताया अभियुक्त प्रभावशाली है। गवाहों को प्रभावित करेगा। अनुसंधान लम्बित है।

अभियुक्त की पत्नी एसएमएस स्कूल में वरिष्ठ अध्यापिका है और वह गवाहों को प्रभावित कर रही है। एसीबी के वकील महेन्द्र व्यास का यह भी कहना था कि टेण्डर 15 अक्टूबर, 2०17 को दिया गया। आईटम एमएसएमई सेक्टर के लिए सरकार के रिजर्व हैं। आपस में सांठ-गांठ कर अनुचित लाभ कमाने के लिए स्टील फर्नीचर को प्लास्टिक आईटम घोषित कर एमएसएमई की रिजर्व लिस्ट से बाहर कर दिया। 25० रुपए कीमत के 12०० रुपए दिए जा रहे थे। फ्लोर डेस्क सीटिंग से राजकोष को 6.52 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचता। सरकार की ओर से निरस्त किए गए टेण्डर को बहाल करने के लिए जोशी ने पीएस भगवान दास को एक लाख रुपए की घूस दी है।

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