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jaipur.दुर्ग सिंह राजपुरोहित की रिहाई के लिए पत्रकार गवर्नर कल्याण सिंह से मिले। हिन्दुस्थान मीडिया ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश कोmar शर्मा और वाईस प्रेसिडेंट संजय कुमार के नेतृत्व में पत्रकारों ने गवर्नर को पत्र दिया, जिसमे दुर्ग सिंह की रिहाई करवाने और इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई. गवर्नर को बताया की राजस्थान के बाड़मेर जिले के एक वरिष्ठ पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित पर पटना (बिहार) में एक ैब्ध्ैज् एक्ट का झूठा प्रकरण में दर्ज हुआ है।

इस प्रकरण का पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित से किसी प्रकार का कोई लेना-देना नहीं है। दुर्ग सिंह को जिस प्रकरण में गिरफ्तार किया गया है, उसके परिवादी ने भी स्वीकार है कि उसने दुर्गसिंह के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं करवाई है और न ही वह कभी बाड़मेर आया है। दुर्ग सिंह भी कभी पटना नहीं गया।
राजस्थान पुलिस में बाड़मेर में कार्यरत पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रकरण में जांच करवाये बिना ही एक निर्दोष पत्रकार के खिलाफ हो रही झूठी कार्यवाही में पटना पुलिस का सहयोग किया। जिसके कारण से बिहार पुलिस एक निर्दोष वरिष्ठ पत्रकार को गिरफ्तार करके ले गई। जिसके कारण पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित मान-सम्मान और पारिवारिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची है। पत्रकारिता जगत एवं अनेक सामाजिक संगठनों तथा आमजन ने इसका खासा विरोध किया है।
संभवतः st-sc act में संषोधन होने के बाद देष का यह पहला मामला है, जिसमें संविधान के चैथे स्तम्भ का व्यक्ति पत्रकार षिकार हुआ है। जिस प्रकार से प्रकरण को बनाया गया है, और उस पर तीव्र गति से कार्यवाही की गई है उससे प्रतीत होता है कि किसी उच्च अधिकारी या राजनेता के प्रभाव में पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित के खिलाफ उक्त कार्यवाही की गई है।

वरिष्ठ पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित के खिलाफ पटना (बिहार) में दर्ज किये गये झूठे प्रकरण को वापस लेकर, झूठे प्रकरण में बिना जांच किये कार्यवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच कराने के आदेष फरमाने की कृपा करावें।

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