नई दिल्ली। 17 साल पूर्व संसद में हुई आतंकी घटना के बाद गुरुवार को एक बार फिर उस समय हड़कंप मच गया जब यहां लगा सुरक्षा अलार्म बज उठा। अलार्म बजने के साथ ही संसद की सुरक्षा को लेकर मुस्तैद जवानों ने पोजिशन ले ली तो संसद के भीतर बैठे सांसदों के होश फाख्ता हो गए। वहीं अन्य लोग सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े। हालांकि बाद में स्थिति स्पष्ट हुई तो सभी ने राहत की सांस ली। दरअसल संसद के गेट से अचानक एक अज्ञात वाहन टकरा गया। वाहन के टकराने के साथ ही संसद में आपातकालिन परिस्थितियों से निपटने के लिए लगे सुरक्षा अलार्म बज उठा। अलार्म के बजने के साथ ही लोगों को वर्ष 2001 में घटी आतंकी वारदात जहन में आ गई और वे इधर-उधर सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़े पड़े। वहीं स्थिति को भांपते हुए सुरक्षा में लगे जवान भी हथियारों के साथ पोजिशन की स्थिति में आ गए। जबकि संसद में बैठे नेता घबरा गए। बाद में स्थिति साफ हुई तो सुरक्षाकर्मियों ने अपनी पोजिशन बदली। गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2001 में संसद पर आतंकी हमला हुआ था। जिसमें आतंकी कार सहित संसद परिसर में घुस आए थे। आतंकियों की अंधाधुंध फायरिंग से पांच पुलिसकर्मियों सहित एक सुरक्षा गार्ड व एक माली की मौत हो गई थी। हालांकि उस दरम्यान जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देकर आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया था। इस हमले के बाद संसद में सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह बदल दिया गया। साथ ही कई ऐसे इंतजाम किए गए कि अगर आतंकी हमला भी हो तो उसे सहजता से नाकाम किया जा सके।
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