पाठ्य पुस्तकों के प्रकाशन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाये -शिक्षा राज्य मंत्री

जयपुर। शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने निर्देश दिए हैं कि पाठ्य पुस्तकें यथा समय विद्यालयों में उपलब्ध कराना सभी स्तरों पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने अगले शिक्षा सत्र के लिए भी अभी से कार्ययोजना बनाकर पाठ्य पुस्तकों के गुणवत्तापूर्ण प्रकाशन और वितरण को समयबद्ध सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया है।

देवनानी सोमवार को यहां राजस्थान राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल की शाषी परिषद् की बैठक में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पाठ्य पुस्तकों के प्रकाशन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने, पुस्तकों के समुचित भंडारण और विद्यार्थियों के लिए उनकी उपादेयता को भी सभी स्तरों पर देखे जाने पर जोर दिया। उन्होंने पाठ्य पुस्तक मंडल के अधिकारियों को निर्देश भी दिए कि जिन विषयों की पाठ्य पुस्तकें अभी भी बकाया है, उकने लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित उनकी उपलब्धता विद्यालयों में सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने पाठ्य पुस्तक मंडल से संबंधित शैक्षिक प्रोत्साहन योजनाओं का भी प्रभावी क्रियान्वयन किए जाने पर जोर दिया। शिक्षा राज्य मंत्री ने पाठ्य पुस्तकों की छपाई में शुद्धता का विशेष ध्यान रखे जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुस्तकों के मुद्रण में गंभीरता बरते जाने के साथ ही गुणवत्तापूर्ण कागज का प्रयोग किया जाए। उन्होंने मंडल द्वारा शिक्षा प्रोत्साहन की गतिविधियों को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख शासन सचिव नरेश पाल गंगवार ने पाठ्य पुस्तक मंडल की विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। सचिव नलिनी कठोतिया ने पाठ्य पुस्तकों के मुद्रण एवं शैक्षिक प्रोत्साहन के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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