जब शिक्षा सुदृढ़ होती है, तो देश का भविष्य बदलता है - जावडे़कर

जयपुर। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने कहा कि जब शिक्षा सुदृढ़ होती है तो देश का भविष्य बदलता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है और इस दिशा में बेहतरीन काम कर रही है। छात्रों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए आगामी तीन वर्षाें में 10 लाख छात्रों को बिना ब्याज ऋण देने का बजट 800 करोड़ से 2200 करोड़ रूप्एं प्रतिवर्ष कर दिया जाएगा।

जावडेकर सोमवार को यहॉं होटल क्लार्क में हायर एजूकेशन और ह्यूमन रिसोर्स की दो दिवसीय कॉन्क्लेव पर शिक्षाविदों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने युवाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए ज्यादा से ज्यादा बिना ब्याज का ऋण मुहैया कराने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 2014 में 800 करोड़ रुपए के बिना ब्याज के ऋण से 4 से 5 लाख युवाओं को लाभान्वित किया जाता था, वहीं इसे बढ़ाकर केंद्र सरकार ने 1800 करोड़ रुपए कर दिया है। इससे 8 लाख से ज्यादा छात्रों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी तीन वषोर्ं में इसका बजट 2200 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष करके 10 लाख से ज्यादा छात्रों को फायदा पहुचांया जाएगा।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर बेहतर से बेहतरीन हो रहा है। तकनीक और गुणवत्तायुक्त शिक्षा के चलते राजस्थान के युवा देश व विदेशों में ख्याति पा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान जब प्रदेश के कई जिलों की छात्राओं ने डिजिटल क्लास रूम के जरिए जावड़ेकर से धाराप्रवाह अंग्रेजी में बात की तो पुलकित होते हुए जावडेकर बोले कि तकनीक और बेहतरीन शिक्षा का ही प्रभाव है कि राज्य शैक्षणिक स्तर सुधर रहा है और महिलाओं में उच्च शिक्षा का प्रतिशत बढ़ता जा रहा है।

जावडेकर ने प्रदेश के भामाशाहों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अन्नदान और शिक्षादान को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, जिसने शिक्षा को उन्नत करने के लिए समाज को कुछ दिया है सही मायने में वही सच्चा भामाशाह है। उन्होंने कहा कि देश भर की उच्चतर संस्थानों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रुसा) के जरिए प्रथम और द्वितीय चरण में 4-4 हजार करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। वहीं तीसरे चरण के लिए बजट में अच्छी बढ़ोतरी के साथ जारी किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही आयुष्मान भारत, उज्ज्वला सहित कई योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया।

उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि केंद्र सरकार की मदद से प्रदेश की कॉलेजों के आधारभूत ढांचे को खासा बल मिला हैं। उन्होंने कहा कि रुसा के तहत प्रथम चरण में 352 करोड़ रुपए मिले, जिसमें 100 कॉलेजों को 2-2 करोड़ रुपए उपलब्ध कराकर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने कहा कि पिछले सालों में सरकार ने 81 नई कॉलेजों को खोला, जिनमें से 75 कॉलेजों ऎसे हैं, जहां या तो भवन निर्माण का कार्य चल रहा है या फिर अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि पहले कभी कॉलेजों में 40 प्रतिशत तक पद रिक्त रहते थे, वहीं सरकार के प्रयासों से कॉलेज शिक्षकों के 91 प्रतिशत भरे जा चुके हैं।

माहेश्वरी ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के आधार पर शिक्षा का ऎसा माहौल बना रही है ताकि युवा जॉब सीकर ना बनकर जॉब प्रोवाइडर बनें। उन्होंने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इग्नू से 2 दर्जन से ज्यादा कौशल विकास के कोर्सेज शुरू किए हैं। यही नहीं प्रदेश में पहली बार सेंट्रल प्लेसमेंट सेल स्थापित की है, जहां से प्रदेश के तकनीकी कॉलेजों के छात्रों को प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। इस अवसर पर उन्होंने विभाग द्वारा किए गए नवाचारों को भी विस्तार से बताया।

इससे पूर्व कॉलेज शिक्षकों और उत्कृष्ट संस्थानों का सम्मान किया गया। साथ ही 10 से अधिक संस्थानों के साथ एमओयू भी किए गए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के तहत निर्मित भवनों का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम में उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत, मणिपुर के उच्च शिक्षा मंत्री टी. राधेश्याम, एआईसीटीई के अध्यक्ष अनिल सहस्त्रबुद्धे, अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च शिक्षा सुबोध अग्रवाल, आयुक्त कॉलेज शिक्षा श्री आशुतोष ए. पेंडणेकर सहित कई विश्वविद्यालयों के कुलपति और शिक्षक उपस्थित थे।

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