पीएम मोदी के जयपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में गड़बड़झाला

-राकेश कुमार शर्मा
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वकांक्षी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत जयपुर की चारदीवारी में ओवरहेड बिजली लाइनों को भूमिगत करने के कार्यों में गंभीर अनियमितता और लापरवाही सामने आने के बाद भी जिम्मेदार अफसर एवं अभियंता दोषी कंपनी को बचाने में लगे हुए हैं। कंपनी को कथित फायदा देने के लिए जांच में लीपापोती कर रहे हैं और अफसर एक जैसा गलत जवाब देने में लगे हुए हैं। जयपुर डिस्कॉम के चीफ इंजीनियर से अभियंता यहां तक गलत जानकारी दे रहे हैं कि कंपनी चारदीवारी में सही और तय रुट के हिसाब से काम कर रही है। जबकि गलत कार्यों की शिकायतों के चलते गत तीन-चार महीने से भूमिगत बिजली लाइन का काम बंद पड़ा है।

ओवरहेड बिजली लाइनों को भूमिगत करने का जिम्मा स्वास्तिक इलेक्ट्रिकल एण्ड फर्टिलाइजर्स जयपुर को मिला हुआ है। फर्म को बिजली लाइन भूमिगत करने के लिए सीमेन्टेड लोहे के स्ट्रेक्चर लगाने थे। ये कहां लगेंगे, इसके लिए सर्वे करके रिपोर्ट तैयार की गई। जिसमें तय हुआ कि सड़क किनारे ये स्ट्रेक्चर लगेंगे। इसकी ऊंचाई, लंबाई और जगह तय हो गई। रिपोर्ट में साफ है कि ये नालियों, नालों, गंदे पानी के जलभराव जगहों पर नहीं लगेंगे। जबकि हुआ इसके विपरीत। फर्म ने तय सर्वे रिपोर्ट के बजाय मनमर्जी से स्ट्रेक्चर लगाने शुरू कर दिए। सड़क किनारे लगाने के बजाय नालियों, नालों व गंदे पानी की जगह पर स्ट्रेक्चर खड़े कर दिए।

इन्हें लगाने के नियम-कायदों का भी ध्यान नहीं रखा गया है। जब स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायतें जयपुर डिस्कॉम, स्थानीय विधायक मोहन लाल गुप्ता, मेयर अशोक लाहोटी, डिप्टी मेयर मनोज भारद्वाज को की है। जनप्रतिनिधियों की फटकार के बाद फर्म ने काम बंद कर रखा है, लेकिन जयपुर डिस्कॉम के अभियंता व अफसर कंपनी के पक्ष में खड़े हुए है। वे शिकायतकतार्ओं को जवाब दे रहे हैं कि कहीं भी गलत काम नहीं हुआ है। नियमानुसार काम चल रहा है। जबकि गत तीन-चार महीने से फर्म का परकोटे में काम बंद पड़ा हुआ है। भौतिक सत्यापन के बजाय अभियंता सिर्फ कागजी कार्यवाही कर रहे हैं और कंपनी को क्लीनचिट देने में लगे हुए हैं। चीफ इंजीनियर टी.एम.सामरिया, अधीक्षण अभियंता अजीत सक्सैना और सहायक अभियंता सी.पी.भंसाली सम्पर्क पोर्टल पर जवाब दे रहे हैं कि काम रुट सर्वे के अनुसार हो रहे हैं। नालियों पर स्ट्रेक्चर स्ट्रेक्चर लगने से किसी तरह की दुर्घटना की संभावना नहीं है। जबकि सर्वे रुट पर साफ है कि नालियों, नालों व जल भराव में ये स्ट्रेक्चर लग नहीं सकते। फिर भी ये अफसर गलत कार्यों को सही ठहराने में लगे हुए हैं और कंपनी को बचाने में लगे हुए हैं। जनहित के इतने बड़े मुद्दे पर अभियंता कंपनी की गलतियों पर पर्दा डालने में लगे हुए हैं।

एक्सईएन रामस्वरुप मीणा से बात करें
अधीक्षण अभियंता अजीत सक्सैना से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी कलक्टर के आदेश से काम बंद है। खुदाई नहीं हो सकती। दो सौ स्ट्रक्चर बन गए हैं। इस बारे में एक्सईन रामस्वरुप मीणा से ज्यादा जानकारी दे सकते हैं। गलत काम की जानकारी नहीं है।
अजीत सक्सैना

गलत स्ट्रक्चर लगे हैं तो हटवाएंगे
एक्सईन रामस्वरुप मीणा ने जनप्रहरी एक्सप्रेस को कहा कि नाले व नालियों पर स्ट्रेक्चर नहीं लग सकते। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अगर गलत जगह पर स्ट्रेक्चर बने हैं तो उन्हें कार्रवाई करके हटवाएंगे।
रामस्वरूप मीणा

इतने बड़े काम में गलतियां हो जाती है
कुछ जगह पर गलत स्ट्रक्चर लग गए थे जिन्हें हटवा दिया गया है। इतने बड़े काम में कुछ गलतियां हो ही जाती है।
मनोज भारद्वाज, उपमहापौर

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