– रियल एस्टेट एक्ट के नियम हुए नोटिफाइड
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने रियल एस्टेट एक्ट के नियमों को नोटिफाइड कर दिया है। अब देशभर में कोई बिल्डर अगर तय समय में मकान बनाकर नहीं देता है तो उस पर भारी जुर्माना लगेगा और जब तक मकान नहीं मिलता है तब तक ब्याज भी मिलेगा। 10,9 फीसदी की दर पर ब्याज देना होगा बिल्डरों को। ये नियम मंगलवार से लागू हो गए हैं। नियमों के तहत अब हर बिल्डर को खरीदारों को मकान बनाने की तय सीमा बतानी होगी। जो खरीदार पैसा देगा, वो एक बैंक खाता खोलकर उसमें जमा कराना होगा। जिससे कि बिल्डर ग्राहकों का पैसा दूसरी जगह निवेश नहीं कर सके और तय प्रोजेक्ट में ही वह राशि खर्च हो सके। रियल स्टेट एक्ट के नियमों के तहत बिल्डरों को अपने-अपने राज्यों में स्थापित स्टेट रेग्यूलिटी में फर्म या कंपनी का पंजीयन कराना होगा। ग्राहकों को प्रोजेक्ट संबंधित समस्त जानकारी देनी होगी। कितने समय में बनाकर देगा वह भी लिखित में देना होगा। यहीं नहीं अगर कोई खरीदार वापस रिफण्ड चाहता है, कंपनी को वह रिफण्ड लौटाना होगा। अगर खरीदार तय समय में किश्त जमा नहीं कराता है तो उसे भी बिल्डर को 10.9 फीसदी दर पर ब्याज देना होगा। केन्द्र सरकार से नियम नोटिफाइड होने पर अब राज्यों में इसके एक्ट बनने की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी। नियमों के अधिसूचित होने से बिल्डरों के पैसा लेकर भी समय पर मकान नहीं देने की मनमानी पर अकुंश लगेगा, वहीं वे खरीदारों को परेशान भी नहीं कर सकेंगे।

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