Bribe-trap-case

जयपुर। 15०० रुपए लेकर बिना ट्रायल कूटरचित दस्तावेज बनाकर फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के आरोप में 2० अप्रैल को गिरफ्तार की गई परिवहन विभाग में उप निरीक्षक इन्दू सैनी (44) निवासी दादू विहार कॉलोनी मानसरोवर, दलाल अभिष्ोक राजपूत (34) निवासी युवराज विहार-विश्वकर्मा एवं देवकीनन्दन मीणा (26) निवासी शास्त्री नगर, जयपुर को एसीबी-एक अदालत में जज बलजीत सिंह ने प्रत्येक को 25-25 हजार की जमानतें एवं 5० हजार रुपए के मुचलके पर जेल से रिहा करने के आदेश दिए।

इस संबंध में रोहित ने 12 अप्रैल को एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी 5 अप्रैल को उसने स्थायी डीएल के लिए 1००० रुपए की फीस जमा कराई थी। ट्रायल के लिए उसे 12 अप्रैल को बुलाया है। उसे अन्देशा है कि वहां दलाल बिना ट्रायल लिए ही रुपए लेकर डीएल बना रहे हैं। एसीबी ने मांग का सत्यापन कर तीनों को गिरफ्तार किया। जांच में ट्रायल फर्जी साबित हुई। जिस कार से ट्रायल लेना बताया वह कार आरटीओ ऑफिस ट्रायल के लिए आई ही नहीं थी। अदालत में पीपी महेन्द्र व्यास ने जमानत का विरोध किया।

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