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जयपुर। इलाज में लापरवाही से मरीज की मौत होने के मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग की बैंच संख्या-2 ने नारायणा अस्पताल और डॉ० सीपी श्रीवास्तव को दोषी मानते हुए 44 लाख रुपए का हर्जाना लगाया है। आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि मरीज की बाईपास सर्जरी हुई थी और दो नसें ब्लॉक रह गई थी।

इस संबंध में विद्यादेवी व अन्य की ओर से दायर परिवाद में आयोग को बताया कि उसके पति मुरली नारायण को सीने में दर्द होने के कारण 19 अक्टूबर, 2०12 को नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां डॉॅ० सी पी श्रीवास्तव ने उनकी बाईपास सर्जरी की। 3० अक्टूबर को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। आरोप है कि मुरली नारायण के घाव में इंफेक्शन हो गया। जिसके कारण ही 8 जुलाई 2०13 को उसकी मौत हो गई।

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