Special 26

नई दिल्ली। दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर में रविवार सुबह सवा नौ बजे एक बिजनेसमैन रमेशचंद आहूजा के घर अक्षय कुमार की फिल्म ‘स्पेशल-26’ की तर्ज पर 7 बदमाशों ने इनकम टैक्स (आईटी) अफसर बनकर छापा मार दिया। पूरे परिवार को ड्राइंग रूम में इकट्ठा कर इनकम टैक्स के कागज ले लिए, मोबाइल छीन लिए। वे दो घंटे तक छापे का ड्रामा करते रहे। लेकिन शक होने पर बिजनेसमैन के बेटे ने शोर मचा दिया। इसके बाद लोगों ने 6 बदमाशों को पकड़ लिया। एक फरार हो गया।

55 साल के बिजनेसमैन रमेशचंद आहूजा के परिवार में 80 साल के पिता अमरचंद, मां शकुंतला, पत्नी वीना आहूजा, 22 साल का बेटा बॉबी और बेटी चंचल हैं। रमेशचंद की घर से 500 मीटर दूरी पर ही काॅर्नर मार्केट में दिल्ली इलेक्ट्रिकल्स नाम से थोक की दुकान है। रविवार सुबह सवा नौ बजे बॉबी दुकान खोलने के लिए घर से निकला था, तभी हरियाणा के नंबर की एसयूवी से आए बदमाशों ने उसे कार में बैठा लिया। इन्होंने खुद को आईटी अफसर बताया और घर में घुस गए। इन्होंने घर के सभी मेंबर्स को ड्राइंग रूम के सोफे पर बैठा दिया।

बदमाशों ने बिजनेसमैन से इनकम टैक्स के कागजात मांगे। अलमारी की चाबी लेकर पूरा घर खंगालना शुरू कर दिया। लेकिन जैसे ही इन्होंने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद करने का कहा परिवार को उन पर शक हो गया। रमेशचंद ने उनसे पहचान दिखाने का कहा, वे दिखा नहीं सके। इस पर वे छापे का विरोध करने लगे। बदमाशों ने रमेशचंद और बॉबी के साथ मारपीट शुरू कर दी। सबकुछ बदमाशों की योजना मुताबिक चल रहा था, तभी बॉबी ने हिम्मत दिखाई और बाहर भागकर शोर मचा दिया। लोगों ने बदमाशों को पकड़कर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया। एक बदमाश भागने में कामयाब हो गया। पुलिस को एक बदमाश के पास आईआरएस अॉफिसर का फर्जी आईडेंटिटी कार्ड भी मिला है। दुकान वक्त पर नहीं खुलने से 10-12 कर्मचारी घर के बाहर पहुंच चुके थे। बॉबी ने सबसे पहले उनसे मोबाइल लेकर पुलिस को खबर दी, तब तक 11.30 हो चुके थे। फिर रिश्तेदारों को बुला लिया।

खुद को फंसता देख बदमाश 20 लाख रुपए लेकर भागने लगे, तभी लोगों ने घेर लिया। मौके पर ही सबकी पिटाई कर दी गई। हालांकि, इस दौरान एक बदमाश भाग गया। मालवीय नगर पुलिस ने छह युवकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल से एसयूवी और 20 लाख रुपए जब्त किए हैं।

एडिशनल पुलिस कमिश्नर चिन्मय बिसवाल ने बताया पुलिस ने मितेश कुमार, नौनहयाल, याेगेन्द्र कुमार, गोविंद शर्मा, अमित अग्रवाल व ड्राइवर परविंदर को गिरफ्तार किया है। सातवां आरोपी कैलाश फरार है। छापे के मास्टरमाइंड मितेश ने पूछताछ में बताया कि उसकी आयकर विभाग में पहचान है, वह विभाग के लिए मुखबिरी करता है। वहां आने-जाने के दौरान कुछ बारिकियां सीख लीं। इसी दौरान खुद ही छापा मारने का प्लान बनाया। पुलिस सच्चाई पता लगाने की कोशिश कर रही है। इनके खिलाफ मारपीट, वसूली, झूठी पहचान बताने संबंधी धाराओं में केस दर्ज किया है।

जीजा विजय ने बताया बदमाश शायद पकड़े नहीं जाते लेकिन ओवर एक्टिंग, पहनावे और बदमाशों की तरह कर रहे व्यवहार के कारण उन पर परिवार को शक हुआ। बदमाशों ने पुलिस से भी सैटलमेंट की कोशिश की। छापे की साजिश सफल होते देख बदमाश इतने खुश हो गए थे कि उन्होंने जश्न मनाने के लिए आहूजा के घर में रखी शराब की छह बोतलें उठाकर 20 रुपए के साथ रख ली थी। पुलिस रुपए के साथ बोतलें भी कब्जे में ले ली हैं। रमेशचंद आहूजा को लूटने की कोशिश की 10 साल में यह 5वीं वारदात है। इससे पहले उनके साथ चाकू मारकर लूटने और बैग छीनकर भागने की घटनाएं हो चुकी हैं।

 

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