High Court responds to clean sweeper's job

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने असिस्टेंट फायर ऑफिसर भर्ती-2015 में हुई फिजिकल जांच में गड़बडी मानते हुए याचिकाकर्ता को समस्त परिलाभ सहित पद पर नियुक्ति के आदेश दिए हैं। अदालत ने राज्य सरकार को कहा है कि आदेश की पालना जल्द की जाए।

न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश रेंवतसिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता का असिस्टेंट फायर ऑफिसर के पद पर चयन हुआ था, लेकिन उसे फिजिकल में अनफिट करते हुए चयन से वंचित कर दिया गया। वहीं फायरमैन भर्ती के लिए 17 दिन बाद हुए फिजिकल में उसे फिट मानते हुए चयनीत किया गया।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि दोनों भर्तियों में फिजिकल टेस्ट के मापदंड समान हैं, लेकिन उसे एएफओ पद के लिए जानबूझकर अनफिट किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य भी आया कि चयन प्रक्रिया के दौरान चीफ फायर ऑफिसर को साठ लाख रुपए की नई करेंसी के साथ गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने सभी तथ्यों के आधार पर माना कि याचिकाकर्ता के साथ फिजिकल टेस्ट में गडबडी हुई है। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता को समस्त परिलाभ के साथ एएफओ पद पर नियुक्ति के आदेश दिए हैं।

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