– विधायक अशोक सिंह की हत्या मामला, कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास
पटना। बिहार के विधायक अशोक सिंह की बम फैंककर हत्या करने के मामले में कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए बिहार के बाहुबली पूर्व सांसद और राजद नेता प्रभुनाथ सिंह को उम्रकैद की सजा मिली है। कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में फैसला सुनाते हुए प्रभुनाथ सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अपर जिला व सत्र न्यायालय कोर्ट 9 के न्यायाधीश सुरेन्द्र शर्मा ने ने प्रभुनाथ सिंह के साथ उनके भाई दीनानाथ सिंह और रितेश सिंह को भी उम्रकैद की सजा दी। बाइस साल पहले विधायक अशोक सिंह के सरकारी आवास पर बम फैंककर उनकी हत्या कर दी थी। हत्या को लेकर तब काफी विवाद हुआ। पुलिस ने इस मामले में अशोक सिंह के सामने चुनाव में हारने वाले प्रभुनाथ सिंह, दीनानाथ सिंह, रितेश सिंह को आरोपी मानते हुए कोर्ट में चालान पेश किया। आज बाइस साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए इन तीनों को उम्रकैद की सजा दी। कोर्ट फैसले के बाद अशोक सिंह की पत्नी ने मीडिया से कहा कि कोर्ट को प्रभुनाथ सिंह को फांसी देनी चाहिए थी। उम्रकैद की सजा कम है। फैसले के दौरान प्रभुनाथ सिंह व अन्य आरोपियों को कोर्ट में सुरक्षा कारणों के चलते नहीं लाया गया। पिछली तारीख पेशी पर दोषी सिद्ध करार देने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर जेल में डाल दिया था। आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के मार्फत कोर्ट ने उन्हें सजा सुनाई।
– डेडलाइन के दिन मारा था अशोक सिंह को
वर्ष 1995 में बिहार के मशरख विधानसभा चुनाव में प्रभुनाथ सिंह और अशोक सिंह आमने-सामने चुनाव मैदान में थे। तब अशोक सिंह ने प्रभुनाथ सिंह को चुनाव में हरा दिया। पुलिस चालान के मुताबिक, चुनाव में हार से बौखलाए प्रभुनाथ सिंह ने अशोक सिंह की हत्या की साजिश रचते हुए 90 दिन में उसे मारने की कसम खाई। विधायक बनने के 90वें दिन 3 जुलाई, 1995 में अशोक सिंह के सरकारी आवास पर बम धमाके करवाकर उसकी हत्या करवा दी गई। हालांकि सुनवाई के दौरान प्रभुनाथ सिंह ने इन सभी आरोपों से इंकार किया और कहां उन्होंने उसकी हत्या नहीं की और ना ही हत्या षड्यंत्र में शामिल है। अशोक सिंह की पत्नी चांदनी सिंह ने प्रभुनाथ सिंह व अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया था।

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