नई दिल्ली। महज 251 में फ्रीडम (स्मार्टफोन) मोबाइल देने का वायदा कर बड़ी-बड़ी सेल्यूलर कंपनियों को पसोपेश में डाल देने वाले रिंगिंग बेल्स के निदेशक मोहित गोयल आखिरकार कानून के शिंकजे में फंस ही गए। मोबाइल की डिलिवरी को लेकर 16 लाख की धोखाधड़ी के आरोप में गाजियाबाद पुलिस ने गुरुवार को हिरासत में ले लिया। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। गौरतलब है कि फरवरी 2016 में रिंगिंग बेल्स कंपनी ने लोगों को महज 251 रुपए में फ्रीडम मोबाइल देने का वायदा किया था। इसके लिए बकायदा कंपनी ने 7 करोड़ फ्रीडम मोबाइल बुक होने का दावा भी किया। जबकि हकीकत में अब तक डिलिवरी के नाम पर महज 70 हजार मोबाइल ही उपलब्ध हो चुके। वर्तमान में कंपनी की वेबसाइट पर भी ऑनलाइन बुकिंग बंद हो चुकी है। कंपनी ने नवंबर 2016 में 2 लाख फोन डिलिवर करने का दावा किया। उसकी यह बात भी साबित नहीं हो पाई। इस मामले में कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने बड़े स्कैम की आशंका जताई और सरकार से मिलीभगत के आरोप लगाए। मामला गर्माया तो कंपनी ने दावा किया जल्द ही कंपनी अपने ग्राहकों को मोबाइल उपलब्ध करा देगी। लेकिन पुलिस और ईडी ने जांच शुरू की तो कंपनी के प्रमोटर भूमिगत हो गए। कुछ दिन बाद ही शिकायतों का दौर शुरू हुआ तो कंपनी के नोएडा ऑफिस पर ताला लटक गया। मामले की जांच में जुटे डीएसपी मनीष मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच के लिए मोहित गोयल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इस संदर्भ में गाजियाबाद की एक फर्म अयाम इंटरप्राइजेज ने शिकायत देते हुए कहा कि कंपनी ने नवंबर, 2015 में फ्रीडम-251 के वितरण के लिए अप्रोच किया। एफआईआर में डीलर ने आरोप लगाया कि कई मर्तबा आरटीजीएस के माध्यम से रिंगिंग बेल्स को 30 लाख रुपए दिए। जबकि कंपनी ने महज 13 लाख रुपए का ही माल उपलब्ध कराया। बकाया 16 लाख मांगने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इस मामले में गोयल को हिरासत में ले लिया गया है। पूछताछ कर मामले का पूरा खुलासा शीघ्र ही कर दिया जाएगा।

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