Humanity is shy
docter rape

हॉस्टल संचालक पर दुष्कर्म का आरोप लगा मुकरने वाली युवती के खिलाफ मुकदमा

जयपुर। शहर के महेश नगर थाने में एक हॉस्टल संचालक के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगा कर मुकदमा दर्ज कराने, धारा 161, 164 में बयान देने के बाद भी आरोपों से मुकरने वाली युवती के खिलाफ महिला उत्पीड़न एवं दहेज प्रकरण मामलात की विशेष अदालत क्रम-2 ने सशपथ झूठे साक्ष्य देने के अपराध में एसीजेएम क्रम-16 कोर्ट में परिवाद पेश किया है। मामले में जज सुन्दरलाल करोल 31 मई को सुनवाई करेंगे। अपराध में दोषी पाए जाने पर सात साल तक की जेल और जुर्माने के प्रावधान है।

मामले के अनुसार पूर्व आईएएस बीबी मोहंती के खिलाफ 25 जनवरी 2०14 को दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने वाली इस युवती ने मोहंती से पहले हॉस्टल संचालक रामगोपाल कुमावत के खिलाफ भी 4 नवम्बर 2०13 को हॉस्टल के कमरे में दुष्कर्म करने की एफआईआर महेशनगर थाने में दर्ज कराई थी। बाद में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयानों में भी दुष्कर्म के आरोप दोहराए। ट्रायल के दौरान युवती ने कोर्ट में दिए मुख्य बयान में दुष्कर्म के आरोप दोहराये लेकिन जिरह में कहा कि बीबी मोहंती के बहकावे में एवं दबाव में आकर पुलिस एवं जज को बयान दिए थे। बकाया किराया मांगने पर हॉस्टल संचालक को फंसाने के लिए बीबी मोहंती के कहने पर ही उसने झूठी एफआईआर दर्ज कराई थी। उसने किसी प्रकार की जबरदस्ती एवं बलात्कार नहीं किया।

पुलिस ने समस्त कार्यवाही थाने में ही की थी। समस्त कार्यवाही मोहंती के दबाव में की थी। बाद विचारण स्पेशल जज जगमोहन अग्रवाल द्बितीय ने 31 मार्च 2०18 को रामगोपाल को बरी करते हुए युवती के खिलाफ झूठी साक्ष्य देने पर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। आदेश की पालना में रीडर सतीशचन्द्र अग्रवाल ने कोर्ट में परिवाद पेश कर युवती के खिलाफ नियमानुसार प्रसंज्ञान लेकर उसे उचित दण्ड से दण्डित करने का श्रम करने को कहा है।

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