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आरोपी बैंक अफसरों से भी हो सकती है पूछताछ
जयपुर। सिंडीकेट बैंक के एक हजार करोड़ रुपए के घोटाले में जयपुर के कुछ व्यावसायियों के नाम सामने आए हैं। सीबीआई और ईडी इनसे जल्द ही पूछताछ कर सकती है। पता चला है कि इन व्यावसायियों में जयपुर के लगभग 10 व्यवसायियों पर सीबीआई की नजर है। इनमें जयपुर के व्यापारी है। इस हजार करोड़ के घोटाले की प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि बैंक में खोले गए फर्जी खातों से इंदौर, कोलकता, मुंबई और बैंगलुरू की 29 ब्रांचों में लेनदेन हुआ। करोड़ों रुपए की राशि खातों से निकाली गई। उन्हें प्रापर्टी, शेयर बाजार, व संपत्ति खरीदने में निवेश किया गया है। गलत तरीके से निकाली गई इस राशि को कोलकाता और बैंगलुरु, इंदौर, जयपुर के कुछ खास व्यापारियों ने दूसरे धंधों में खपा दिए। अब इन पर सीबीआई की निगाहें है। कोलकाता का एक बड़ा व्यापारी भी सीबीआई की रडार पर है। यह व्यापारी पश्चिम बंगाल की राजनीति में खासा दखल रखता है। मामले की सुनवाई जयपुर की सीबीआई कोर्ट में चल रही है। मुख्य आरोपी भरत बम्ब और शंकर खंडेलवाल समेत अन्य के खिलाफ चालान पेश हो चुका है। बम्ब और शंकर खंडेलवाल जमानत पर है। भरत बम्ब पर चार्ज फ्रेम किए जा चुके हैं। सुनवाई के दौरान उसने आरोपो को खारिज कर दिया। शंकर खंडेलवाल पर चार्ज फ्रेम होना बाकी है। शंकर धोखाधड़ी के एक अन्य मुकदमें में फिलहाल जेल में है। अन्य आरोपियों में एक अधिकारी संतोष कुमार गुप्ता रिटायर हो चुके हैं जबकि सतीश कुमार गोयल जनरल मैनेजर, फील्ड जनरल मैनेजर आफिस नई दिल्ली, संजीव कुमार डीजीएम रीजनल आफिस जयपुर, देशराज मीणा, चीफ मैनेजर एमआई रोड ब्रांच, आदर्श मनचंदा, एजीएम जयपुर, मालवीय नगर ब्रांच, अवधेश तिवारी एजीएम बचे हुए हैं। इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, षडयंत्रपूर्वक, फर्जी कागजात बनाने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 409, 420, 467, 468, 471 समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमें दर्ज हैं। चार्जशीट में भी इनके नाम है।
एक पूर्व पार्षद का नाम भी सामने आया
सिंडीकेट बैंक के 386 खातों में अधिकतर खाते फ्रीज हो चुके हैं। इन खातों के जरिए शंकर खंडेलवाल, भरत बम्ब की कंपनियों में पैसा निकाला गया। भाजपा के एक पूर्व पार्षद पर भी सीबीआई की निगाह है क्योंकि इस पार्षद के खातों में फर्जी खातों से लेनदेन हुआ है। इस पार्षद के साथ जयपुर के कई बिजनेसमैन जुड़े हुए है। सीबीआई और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) को आंशका है कि यह पैसा इन खातों से इस पार्षद के साथियों के पास आया है। इसी तरह कालवाड़ रोड का एक बिल्डर का भी इसमें नाम आया है। जल्द ही सीबीआई और ईडी इनसे पूछताछ कर सकते हैं। इसके अलावा जयपुर, इंदौर, कोलकाता, बैंगलोर और मुंबई के व्यापारियों के खातों में पैसा गया है। यह पैसा शेयर बाजार, व्यापार, रियल स्टेट में निवेश किया गया है। इन व्यापारियों पर अब सीबीआई की जांच की अगली कड़ी में दूसरे शहरों के व्यापारियों से भी पूछताछ की जाएगी। इस पैसे को जहां भी निवेश किया गया है उन संपत्तियों को ईडी जब्त कर सकता है। ईडी शंकर खंडेलवाल और भरत बम्ब की पार्थ सिटी और उससे जुड़ी संपत्तियों को जब्त कर चुका है। सीबीआई जल्द ही घोटाले के आरोपी बैंक अधिकारियों से भी इस मामले में पूछताछ करेगी। आंशका है कि इन बैंक अधिकारियों ने घोटाले के आरोपियों से अपने रिश्तेदारों के नाम पर भारी लाभ कमाया। बाद में इस लाभ से बेनामी संपत्तियां अर्जित की। इसकी जानकारी प्रवर्तन निदेशालय को भी दे दी गई है।

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