Rajasthan

जयपुर। उत्तरप्रदेश में बसपा और सपा 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। आज शनिवार को होटल ताज में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने संयुक्त प्रेसवार्ता करके यह ऐलान किया है। साथ ही भाजपा और कांग्रेस को एक समान विचारधारा वाली पार्टी बताते हुए कहा कि यूपी में सपा और बसपा मिलकर भाजपा को हराएगी। कांग्रेस के साथ गठबंधन में हमें कभी भी फायदा नहीं हुआ है। इनके लिए अमेठी और रायबरेली की सीट छोड़ी गई है।

भाजपा और कांग्रेस एक जैसी पार्टी है। दोनों ही दलों ने लंबे समय तक राज किया, लेकिन गरीबों व पिछड़ों का कल्याण नहीं किया। इनके राज में भ्रष्टाचार ही पनपा है। कांग्रेस के साथ गठबंधन करके चुनाव लडऩे में हमें कोई खास फायदा नहीं होता है। मायावती ने यह भी कहा कि यूपी में भाजपा ने बेईमानी से सरकार बनाई है। वर्तमान में जनता बीजेपी की अहंकार से भरी सरकार से खासी नाराज है। लोकसभा चुनाव में हमारी वैसी ही जीत होगी, जैसी उप चुनाव में बीजेपी को हराकर हुई है। लोकसभा चुनाव में हम बीजेपी को हराएंगे।

यह गठबंधन और प्रेसवार्ता पीएम नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की नींद उड़ाने वाली है। यूपी और देश से भाजपा के सफाए के लिए जनहित में बसपा और सपा का गठबंधन हुआ है। गठबंधन और सीटों के ऐलान से उत्साहित सपा और बसपा के कार्यकर्ता अबकी बार माया और अखिलेश की सरकार के नारे लगा रहे थे। परिवर्तन लाना है। परिवर्तन की शुरुआत यूपी से होगी। यूपी के लखनऊ व दूसरे शहरों में अखिलेश और मायावती के पोस्टर भी छाए रहे। दीवारों और होर्डिंग्स पर दोनों नेताओं के पोस्टर लगे हुए हैं। इस गठबंधन से सपा और बसपा कार्यकर्ताओं में जोश है तो गठबंधन में शामिल नहीं होने से कांग्रेस, आरएलडी के नेताओं में मायूसी और गुस्सा है। हालांकि राहुल गांधी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वे यूपी में अकेले चुनाव लड़ेंगे।

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