-जेईएन भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले में एसओजी ने तीन जिलों में बारह जगहों पर मारा छापा
जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने गुरुवार को जेईएन भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरफ्तार दो मुख्य आरोपियों के जयपुर, दौसा और भरतपुर में बारह से ज्यादा ठिकानों पर दबिश दी है। इसमें पेपर लीक के मास्टरमाइंड हर्षवर्धन कुमार मीणा (पटवारी) के दौसा-महवा और जयपुर, भरतपुर में सात से ज्यादा ठिकाने शामिल हैं। स्कूल टीचर राजेंद्र कुमार यादव के आवास सहित उसके साथी के ठिकानों पर भी छापेमारी हुई। दौसा में एक बाबा के आश्रम में चार घंटे कार्रवाई चली। एक दर्जन आंसर शीट बरामद की गई। टीम ने इसे जब्त करते हुए आश्रम को सील कर दिया है। टीम यहां से भरतपुर गई। जेईएन पेपर लीक मामले में एसओजी की टीम ने भरतपुर में हर्षवर्धन के ससुराल (उच्चैन तहसील के गांव मिलकपुर) में छानबीन की। एसओजी ने टीम ने जयपुर में तीन स्कूलों पर छापा मार कर वहां पर दस्तावेजों की जांच की और कुछ फाइलों को जब्त किया गया है। एसओजी के डीएसपी शिव कुमार भारद्वाज ने बताया कि एटीएस और एसओजी के एडिशनल डीजी वीके सिंह के निर्देश पर नकल प्रकरण में पकड़े गए आरोपियों के आवास और ठिकानों पर एक साथ रेड का प्लान था। इसके बाद एक टीम आरोपी के ससुराल मिलकपुर पहुंची। लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इसके लिए कोर्ट से पहले सर्च वारंट लिया गया। पूछताछ करने पर पता लगा कि हर्षवर्धन कुमार मीणा के ससुराल वाले भरतपुर शहर के जसवंत नगर कॉलोनी में रहते हैं। जिसके बाद एसओजी की टीम जसवंत नगर पहुंची। वहां से हर्षवर्धन कुमार मीणा के साले मनोज कुमार मीणा को अपने साथ लेकर मिलकपुर गांव आई। एसओजी की टीम ने घर में तलाशी ली और कुछ आपत्तिजनक कागजातों को जब्त किया। इनके आवास और अन्य ठिकानों से कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। आरोपियों की प्रॉपर्टी का आकलन भी किया जाएगा। इसके बाद उनकी संपत्ति आने वाले समय में सीज की जाएगी। दौसा में आगरा रोड पर गोविंद देवजी मंदिर से सामने स्थित एक बाबा के अस्थायी आश्रम पर भी एसओजी की कार्रवाई चल रही है। बताया जा रहा है कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड पटवारी हर्षवर्धन इस आश्रम में आता रहता था। इसलिए इस पर भी कार्रवाई की गई है। एडिशनल एसपी बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि पेपर लीक से जुड़ी कई जानकारी एसओजी को मिली थी। हर्षवर्धन कुमार मीणा और राजेन्द्र कुमार यादव के ठिकानों पर गुरुवार सुबह 4 बजे टीमें पहुंचीं। हर्षवर्धन मीणा के दौसा और महवा में 6 ठिकानों और जयपुर में एसकेआईटी कॉलेज के सामने डी विला में टीमें सर्च कर रही हैं। टीचर राजेन्द्र कुमार यादव और उसके साथी के जयपुर स्थित वर्धमान नगर, चित्रकूट, वैशाली नगर, झोटवाड़ा और करधनी में कार्रवाई हुई है। पेपर लीक केस में आरोपी राजेंद्र कुमार यादव के साथियों के वैशाली नगर स्थित ठिकानों पर भी एसओजी की टीम ने छापेमारी की है। अतिरिक्त महानिदेशक एटीएस और एसओजी ने बताया कि कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा 2020 की परीक्षा के प्रश्न पत्र को परीक्षा से पूर्व शहीद मेजर दिग्विजय सिंह सुमाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खातीपुरा, जयपुर से बाहर निकलवाने वाले कुख्यात पेपर लीक माफिया जगदीश विश्नोई निवासी दांता पुलिस थाना सांचौर जिला सांचौर को अभियोग संख्या 540/2020 अंतर्गत धारा 420, 120 बी भादस एवं 4/6 राज. सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम पुलिस थाना सांगानेर, जयपुर (पूर्व) में गिरफ्तार किया गया। जगदीश विश्नोई गत करीब 3 वर्ष से फरार था। पूर्व में जगदीश विश्नोई करीब 1 दर्जन से अधिक नकल एवं पेपर लीक संबंधित प्रकरणों में गिरफ्तार हो चुका है। वीके सिंह ने बताया कि जगदीश विश्नोई पेपर लीक करने वाली गैंग का सरगना है। इसकी गैंग में हर्षवर्धन पटवारी, राजेन्द्र कुमार यादव अध्यापक के साथ-साथ अन्य कई शातिर अपराधी शामिल है। जगदीश विश्नोई अपनी गैंग के साथ मिलकर पेपर लीक करने का कार्य ऑर्गेनाइज्ड वेश में लंबे समय से कर रहा है। जगदीश विश्नोई ने शहीद मेजर दिग्विजय सिंह सुमाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खातीपुरा, जयपुर में अपने एक सहयोगी को भेजकर गैंग के सदस्य इस स्कूल के अध्यापक राजेन्द्र कुमार यादव की मदद से पेपर का फोटो करवाकर पेपर को स्कूल से बाहर निकलवाया था। जगदीश विश्नोई ने इसके बदले में राजेन्द्र कुमार यादव को 10 लाख रुपए थे। जगदीश विश्नोई ने उक्त प्रश्न पत्र अपनी गैंग के सदस्य हर्षवर्धन मीणा के पास जरिये व्हाटसअप भिजवाया था। जगदीश विश्नोई व हर्षवर्धन ने करोड़ों रुपए लेकर अभ्यर्थियों को पेपर पढ़वाया। जगदीश विश्नोई करीब डेढ़ दशक से ज्यादा समय से पेपर लीक करने के अपराध को अंजाम दे रहा है। जगदीश विश्नोई को दिनांक 28 फरवरी को एसआईटी टीम ने जवाहर कला केन्द्र जयपुर से दस्तयाब किया था आरोपी को पूछताछ के बाद गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। हर्षवर्धन व राजेन्द्र कुमार यादव पूर्व से गिरफ्तार होकर पुलिस अभिरक्षा में है। इस गैंग के अन्य सदस्य राजेन्द्र कुमार यादव उर्फ राजू, शिवरतन मोट व रमेश कालेर गिरफ्तार होकर पुलिस अभिरक्षा में है। अब तक इस प्रकरण में तीस अभियुक्त गिरफ्तार किये जा चुके है। अभी और अभियुक्तों की गिरफ्तारी शेष है।

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