The son-in-law did not send the wife to the murderer

जयपुर। जवाहर सर्किल थाना इलाके में 5 साल पहले जमीन विवाद में हुए झगड़े में एक व्यवसायी कमल प्रकाश कट्टा की मौत होने के मामले में सीबीआई-4 कोर्ट में जज चन्द्रकला जैन ने गुरुवार को 5 महिलाओं सहित 14 अभियुक्तों को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास तथा दस लाख रुपए के जुर्माने से दंडित किया। इस संबंध में मृतक के पुत्र पवन कट्टा ने 11 दिसंबर 2013 को फोर्टिस अस्पताल में पुलिस को दी रिपोर्ट में कहा था कि कल रात्रि 10 बजे उन्हें सूचना मिली कि माली परिवार ने राजबिहारी गुप्ता के प्लॉट की चारदीवारी तोड़ दी है। उन्होंने श्री लक्ष्मीनारायणपुरी भवन निर्माण सहकारी समिति के जरिये डालडा फैक्ट्री के पास अर्जुन नगर स्कीम बनाई थी।

पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे तो प्लॉट नंबर 234 व 235 की दीवारें टूटी हुई मिलीं और जमीन पर अवैध कब्जा करने के लिए हथियारों से लैस होकर हिंसा व बलवा किया। इससे वह स्वयं, पिता कमल प्रकाश, भाई राकेश व श्यामसुंदर समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। गंभीर चोट लगने से कमल प्रकाश की मौत हो गई। पुलिस ने शांति भंग में 18 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। अदालत में 22 गवाहों के बयान करवाए गए।कोर्ट ने भौरी लाल सैनी, उसकी पत्नी राधा देवी, तीन पुत्र गणेश नारायण सैनी, बुद्धि प्रकाश सैनी, पुत्रवधू पार्वती देवी, प्रहलाद सैनी, पुत्रवधू कांता देवी, कल्याण सैनी व उसकी पत्नी गोमती देवी, रामजीलाल सैनी व उसकी पत्नी सीमा देवी, ओम प्रकाश सैनी, गोपाल लाल सैनी, लक्ष्मण सैनी को हत्या का दोषी मान आजीवन कारावास की सजा दी। 11 दिसंबर 2013 को गिरफ्तार हुए रामजीलाल, भौरीलाल, गणेश नारायण, बुद्धि प्रकाश व प्रहलाद को आज तक जमानत का लाभ ही नहीं मिला। अभियुक्तों ने सरिए, लाठी व डंडों से हमला किया और पीडित पक्ष की कारें भी तोड़ दी थीं।

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