BJP's cabinet minister gets tough, Congress lags behind

जयपुर। राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की लड़ाई दिल्ली तक पहुंच गई है। अपने पसंद के नेता को अध्यक्ष बनाने के लिए दिल्ली में लॉबिंग होने लगी है, साथ ही दबाव की राजनीति भी शुरु हो गई है। इस लड़ाई में सीएम वसुंधरा राजे का गुट हावी दिखाई दे रहा है। अपने समर्थक को अध्यक्ष बनाए जाने के लिए सीएम राजे के समर्थक केबिनेट मंत्री और बड़े नेता व विधायक जहां केन्द्रीय नेताओं और संघ पदाधिकारियों से मिल रहे हैं।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल से मिलकर प्रदेश की राजनीति के हालात बताए हैं, साथ ही जातिगत समीकरणों का हवाला देते हुए किसे अध्यक्ष बनाए जाए और किसे नहीं, उसकी भी गणित समझाई गई है। केन्द्रीय नेतृत्व केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के पक्ष में है। शेखावत के साथ केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, अरुण चतुर्वेदी, सतीश पूनिया आदि का नाम भी दौड़ में है। हालांकि वहीं सीएम राजे गुट इसके विरोध में उतर आया है। उनका कहना है कि गजेन्द्र सिंह को अध्यक्ष बनाए जाने पर जाट समाज नाराज हो सकता है, जो प्रदेश में बड़ी तादाद में है।

यह गुट दूसरे दावेदारों के खिलाफ भी है। वे अपने समर्थक नेता को प्रदेश अध्यक्ष चाहते हैं, ताकि टिकट वितरण और संगठन में मजबूत स्थिति में रहे। इसके लिए जबरदस्त लॉबिंग भी की गई है। यही वजह है कि सोलह अप्रेल से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली चल रहा है। अभी तक इस पद के लिए एक राय नहीं बन पाई है। वैसे आज दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और संगठन महामंत्री रामलाल के बीच वार्ता है। संभवतया: आज इस विवाद का हल हो सकता है। प्रदेश के बड़े नेता व मंत्री राजेन्द्र राठौड़, युनूस खान, प्रभु लाल सैनी, रामनारायण डूडी आदि भी दिल्ली में डेरा डाले हुए है।

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