Ashram

नई दिल्ली। इटली की एक अदालत ने रेप के मामले में ऐसा आदेश दिया, जिसे सुनकर हर कोई चकित रह गया। कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को केवल इसलिए बरी कर दिया क्योंकि रेप की घटना के दौरान पीडि़ता अपनी मदद के लिए चिल्लाई क्यों नहीं? हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी हर बार यही बात कहता रहा कि उसने उक्त महिला के साथ संबंध बनाए। लेकिन वे सहमति से बनाए गए थे। कोर्ट के इस फैसले के बाद इटली में खासा रोष देखने को मिला। वहीं महिला अधिकार संगठनों के साथ अन्य ने अपना विरोध जताना शुरू कर दिया है। इस पर इटली के न्याय मंत्री आंद्रेया ओरलैंडो ने मामले की जांच कराने के साथ केस को फिर से देखने के अधिकारियों को निर्देश दिए। मामला उत्तरी इटली के टयूरिन की एक अदालत से जुड़ा हुआ है। जिसमें अदालत ने अपना फैसला सुनाया। इस दौरान मामले में बरी हुआ शख्स हर बार महिला के साथ संबंध सहमति से बनाने की बात दोहराता रहा। हालांकि रेप पीडि़ता ने अपने इस पूर्व सहकर्मी को इनफ कहते हुए रोकने की कोशिश की। इस मामले में कोर्ट ने कहा कि यह कोशिश महिला की कमजोर प्रतिक्रिया थी, जब ऐसी घटना हुई तो रेप के वक्त पीडि़ात ने मदद के लिए चिल्लाई क्यों नहीं। जिससे यह साबित नहीं हो पाया कि उसके साथ जोर-जबरदस्ती की गई थी। बरहाल कोर्ट ने 46 वर्षीय आरोपी को बरी कर दिया। इस फैसले के बाद देश में तीखी प्रतिक्रिया है। गए हैं।

-जनप्रहरी एक्सप्रेस की ताजातरीन खबरों से जुड़े रहने के लिए यहां लाइक करें।

LEAVE A REPLY