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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश के युवाओं से समाज को अशिक्षा और समाजिक बुराइयों से मुक्त करने का संकल्प लेने का आहवान किया है। उन्होंने कहा कि सभी देशवासियों को जाति के बंधनों से मुक्त कर और महिलाओं को हर क्षेत्र में समान अधिकार दिलाकर ही हम दशकों पहले महात्मा ज्योतिबा फूले और श्रीमती सावित्री बाई फूले द्वारा शुरू किए गए अभियान को सफल बना सकेंगे।गहलोत गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड नगर निगम द्वारा स्थापित महात्मा ज्योतिबा फूले और श्रीमती सावित्री बाई फूले की मूर्तियों के अनावरण समारोह में भाग ले रहे थे। समारोह में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्रीअशोक चव्हाण सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

श्रीमती सावित्री बाई फूले की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि श्रीमती फूले देश में महिला शिक्षा और समानता की पहली अग्रदूत थीं। उन्होंने जीवनभर अपने पति महात्मा ज्योतिबा फूले के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पिछड़ाें, वंचितों और दलितों के उत्थान और अधिकार के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि फूले दम्पति का सामाजिक संघर्ष हम सभी के लिए मिसाल है।मुख्यमंत्री ने महात्मा ज्योतिबा फूले और श्रीमती सावित्री बाई फूले की मूर्तियों को एक ही जगह स्थापित करने के लिए नांदेड़ नगर निगम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि समतामूलक समाज की स्थापना के इन महान पैरोकारों की याद में बना यह स्मारक हमारी आने वाले पीढ़ियों को पे्ररित करेगा।

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