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जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने वर्ष 2009 के सवाई माधोपुर-टोंक लोकसभा क्षेत्र के चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए दायर किरोड़ी सिंह बैंसला की चुनाव याचिका को सारहीन मानकर खारिज कर दिया है। अदालत ने माना कि लोक सभा के नए चुनाव कराए जा चुके हैं। इसके अलावा याचिकाकर्ता की ओर से लंबे समय से पैरवी के लिए कोई पेश भी नहीं हो रहा है। मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग की एकलपीठ ने यह आदेश किरोड़ी सिंह बैंसला की चुनाव याचिका को खारिज करते हुए दिए।

चुनाव याचिका में कहा गया कि वर्ष 2009 में सवाई माधोपुर-टोंक लोकसभा क्षेत्र के चुनाव हुए थे। जिसके याचिकाकर्ता को पराजित कर नमो नारायण मीणा ने जीत हासिल की थी। याचिका में आरोप लगाते हुए कहा गया कि चुनाव में धांधली कर मनचाहे परिणाम हासिल किए गए। इसके अलावा सरकारी मशीनरी का भी दुरुपयोग किया गया। ऐसे में चुनाव परिणाम को रद्द किया जाए। जिसका विरोध करते हुए नमो नारायण मीणा की ओर से कहा गया कि प्रकरण में पैरवी के लिए कोई पेश नहीं हो रहा है। इसके अलावा लोकसभा के नए चुनाव भी कराए जा चुके हैं। ऐसे में याचिका का निस्तारण किया जाए। वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार की ओर से एएजी जीएस गिल ने बताया कि संबंधित ईवीएम मशीन की सार-संभाल में हजारों रुपए खर्च हो रहे हैं। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिका को सारहीन मानकर खारिज कर दिया है।

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