जयपुर। 24 जून की रात्रि चूरू के मालासर में एनकाउंटर के दौरान मारे गए गैंगस्टर आनंदपाल सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए उसके पैतृक गांव सांवराद में सभा रखी गई। सभा के दौरान राजपूत नेताओं ने सीबीआई जांच की मांग उठाते हुए सरकार को शाम 7 बजे तक का समय दिया। हालांकि राजपूत समाज के अल्टीमेटम के बाद सरकार के आधा दर्जन मंत्री मामले को सुलझाने में भी लगे। लेकिन संघर्ष समिति व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता विफल होने के साथ ही भीड़ आक्रोशित हो उठी। यही वजह रही कि शांत चल रहा आंदोलन अब उग्र हो उठा। समाज के लोग भी आर-पार की लड़ाई पर उतरते नजर आए। बुधवार देर शाम सभा स्थल से हजारों की संख्या में लोग रेल पटरियों पर पहुंच गए, रेल पटरियां उखाड़ दी और स्टेशन पर तोडफ़ोड़ की। इस पर पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी और गोलीबारी हुई। इस दौरान तीन युवकों के गोलियां लगीं।

-एसपी देशमुख को घेरा
सूचना मिलने पर एसपी पारिश देशमुख मौके पर पहुंचे तो उग्र भीड़ ने एसपी की कार को घेर लिया। हालांकि एसपी के गनमैन महावीर ने हवाई फायर कर उन्हें बचा लिया, लेकिन उनकी कार क्षतिग्रस्त कर दी गई। भीड़ ने गनमैन महावीर पर हमला कर उसे घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि भीड़ ने एके-47 व दो पिस्टल छीन ली। इस दौरान 21 पुलिसकर्मियों व 7 युवक घायल हो गए। जबकि हरियाणा निवासी एक युवक लालचंद की मौत हो गई। आंदोलन के उग्र होने की स्थिति को देख देर रात सांवराद में कफ्र्यू लगा दिया गया।

-फूंका रेलवे फाटक, राइफल छीनी
इधर उग्र भीड़ ने सांवराद के रेलवे स्टेशन पर कब्जा कर रेलवे फाटक को फूंक दिया। इस दौरान मौके पर तैनात जीआरपी व पुलिस ने रोका तो भीड़ ने पुलिस जवान की राइफल छीन ली। इस दरम्यान दोनों ओर से गोलीबारी हुई। जिसमें 3 युवकों को गोलियां लगी। इन युवकों की पहचान लक्ष्मणगढ़ निवासी विक्रम सिंह, जोधपुर बनाड़ निवासी महेंद्र सिंह व एक अन्य अज्ञात है। पुलिस ने तीनों को डीडवाना अस्पताल में भर्ती कराया। जहां हालत गंभीर होने पर दो को जयपुर रैफर कर दिया।

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