Union Public Service Commission (UPSC) has approved the facility of candidates withdrawing their applications. This facility will be implemented from the Engineering Services Examination, 2019.

यह सुविधा इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा, 2019 से लागू की जाएगी
नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने उम्मीदवारों द्वारा अपने आवेदनों को वापस लेने की सुविधा को मंजूरी दे दी है। यह सुविधा इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा, 2019 से लागू की जाएगी। यह घोषणा आज नई दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री अरविंद सक्सेना ने आयोग के 52वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर की।

आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा के संबंध में आयोग का अनुभव रहा है कि प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले 10 लाख से अधिक उम्मीदवारों में से लगभग 50 प्रतिशत उम्मीदवार परीक्षा में बैठते हैं। इसके लिए आयोग को परीक्षा स्थान की बुकिंग करानी पड़ती है, प्रश्नपत्र प्रकाशित कराने होते हैं, परीक्षा निरीक्षकों का प्रबंध करना पड़ता है और सभी 10 लाख आवेदकों के लिए दस्तावेज भेजने पड़ते हैं। इसमें 50 प्रतिशत ऊर्जा और संसाधनों की बर्बादी होती है।

यूपीएससी के अध्यक्ष ने कहा कि आयोग यह मानता है कि यदि हम सही और गंभीर उम्मीदवारों के लिए काम करें तो हम उन्हें बेहतर सुविधाएं दे सकते हैं और अपनी प्रणाली को अधिक कारगर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा, 2019 से यह व्यवस्था प्रारंभ की जाएगी तथा अन्य परीक्षाओं को इस व्यवस्था के अंतर्गत लाया जाएगा। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए उम्मीदवार को आवेदन का ब्यौरा देना होगा। उम्मीदवार के पंजीकृत मोबाइल नम्बर तथा ईमेल आईडी पर अलग से ओटीपी भेजे जायेंगे। नाम वापस लेने की कार्रवाई सफलतापूर्वक पूरी करने पर ईमेल पर पुष्टि संदेश भेजा जाएगा और एसएमएस किया जाएगा। एक बार आवेदन वापस लेने पर इसे फिर से शामिल नहीं किया जा सकता।

उम्मीदवारों की चिंता में कमी करने के उद्देश्य से यूपीएससी ने परीक्षा से संबंधित संवादों तथा लेनदेन को ऑनलाइन कर दिया है। श्री सक्सेना ने बताया कि हम परीक्षा की पेन और पेपर पद्धति से कंप्यूटर आधारित पद्धति की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की नियुक्ति के संबंध में उच्चतम न्यायालय के हाल के फैसले और विभिन्न सेवाओं में बिना परीक्षा के सीधी भर्ती के सरकार के प्रस्ताव की चर्चा की और कहा कि आयोग की जिम्मेदारियां बढ़ी हैं। इस अवसर पर आयोग के सदस्य, भूतपूर्व अध्यक्ष तथा अन्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

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