जयपुर। आनंदपाल एनकाउंटर को लेकर राजपूत समाज के कई छोटे और बड़े नेताओं ने अपनी-अपनी भूमिका निभाई थी उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया। अब जब सरकार ने आनंदपाल एनकाउंटर की सीबीआई जांच कराने की बात मान ली है। तो राजपूत समाज चाहता है कि उनके नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगाए मुकदमें वापस लिए जाए। इसी कड़ी में उन्होंने 4 अगस्त को जयपुर में रैली का आह्वान किया था। मगर स्थानीय पुलिस ने राजपूत समाज को रैली की अनुमति नहीं दी। और उनकी अनुमति रद्द कर दी। डीसीपी वेस्ट अशोक कुमार गुप्ता ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए भवानी निकेतन कॉलेज से कलेक्टÓट सर्किल तक होने वाली रैली की अनुमति रद्द करने के आदेश निकाले हैं।

श्री राजपूत करणी सेना के जिलाद्यक्ष नारायण सिंह दिवराला का कहना है कि आनंदपाल एनकाउंटर के दौरान समाज के कई नेताओं पर पुलिस ने मुकदमे दर्ज करके गिरफ्तार कर लिए। करणी सेना उन लोगों की रिहाई और मुकदमे हटवाने के लिए रैली निकालकर राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देने जा रहे थे। मगर पुलिस ने रैली की अनुमति नहीं दी। इसके पीछे पुलिस को जो डर सता रहा है वह यह है कि जिस तरह से 12 जुलाई को सांवराद में आन्दोलन ने उग्र रूप ले लिया था और जिसमें कई पुलिस वाले घायल हुए थे और एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी। और मामला काफी तनावग्रस्त हो गया था। यही कारण है कि पुलिस इन सब से बचने के लिए राजपूत समाज को रैली की अनुमति पुलिस ने नहीं दी है।

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