जोधपुर. 11 अक्टूबर को जिस लड़की की बॉडी हौद (वाटर टैंक) में मिली थी, वह हादसा नहीं था, बल्कि उसके मां-बाप ने मामा के साथ मिलकर हत्या की थी। कारण था वह किसी लड़के से मोबाइल पर बात करती थी। मां-बाप को डर था कि इसकी वजह से गांव में उनकी बदनामी नहीं हो जाए, क्योंकि उसका बाल-विवाह हुआ था। मामला जिले के कापरड़ा थाना क्षेत्र के रामड़ावास गांव का है। जोधपुर पुलिस ने इसका खुलासा करते हुए मां चौथी देवी (45) और मामा श्रवण राम (40) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में बताया कि पिता ने ही बेटी (17) का गला घोंट दिया था। इसके बाद पत्नी और साले के साथ मिलकर शव को हौद में डाल दिया था। बेटी की हत्या के बाद पिता की भी सदमे से मौत हो गई थी। ग्रामीण एएसपी नवाब खान ने बताया कि लड़की की मां चौथी देवी ने बताया कि उन्होंने बचपन में ही उसकी शादी करवा दी थी, लेकिन बाल विवाह को वह मान नहीं रही थी। इसे लेकर कई बार पिता बाबूराम (62) और मामा श्रवण राम ने समझाया भी, लेकिन वह मानी नहीं। इस बीच तीन महीने पहले जुलाई 2023 में लड़की के भाई ने उसकी फोटो राकेश उर्फ रॉकी नाम के लड़के के साथ देख ली थी। इस पर भाई और मां ने फोटो के बारे में पूछा तो उसने ऐसी कोई भी फोटो होने से मना कर दिया। इसी दौरान बेटी के अफेयर की बातें गांव में होने लगी। बेटी को लेकर गांव में हो रही बातों से मां चौथी देवी और पिता बाबूराम परेशान होने लगे। एक महीने पहले लड़की किसी के साथ बाइक पर चली गई थी और इसकी जानकारी भी घरवालों को लग गई थी। घरवालों को ये भी पता चल चुका था कि बेटी के पास फोन है और उन्होंने उसे पकड़ लिया था। मोबाइल को लेकर जब पूछा तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। 10 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे लड़की मोबाइल पर किसी से बात कर रही थी तो मां ने देख लिया। इस पर मां ने समझाया, लेकिन मानी नहीं। मां ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि बेटी के इस व्यवहार से उन्हें समाज में इज्जत खराब होने का डर सताने लगा था। बेटी को बार-बार समझाने पर भी वह जब मानने को राजी नहीं हुई तो उसने अपने भाई के साथ मिलकर बेटी को मारने का प्लान बनाया। 10 अक्टूबर की ही रात 8 बजे चौथी देवी ने अपने भाई श्रवण राम को फोन किया जो गांव से 20 किलोमीटर दूर लांबा गांव रहता है। जब मामा घर पहुंचा तो लड़की अपने कमरे में सो रही थी। इस पर तीनों उसके कमरे में गए। यहां पिता ने मुंह पर कपड़ा डालकर गला दबा दिया। इस दौरान मामा ने लड़की के हाथ और मां ने पैर पकड़ रखे थे। जब उसकी हालत अधमरी जैसे हो गई तो तीनों ने ले जाकर उसे घर में बने हौद में डाल दिया और मौत हो गई।

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