-श्री ओम बन्ना मन्दिर को जमीन आवंटन के लिए आभार कार्यक्रम
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान शौर्य और पराक्रम की भूमि होने के साथ ही आस्था और विश्वास की पावन धरती है। यहां पग-पग पर आस्था धाम हैं तथा कई महापुरुषों ने अपने अलौकिक चमत्कारों से लोकहितकारी कार्य किए हैं। श्री ओम बन्ना के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है। वे उन्हें सड़क दुर्घटनाओं से रक्षा करने तथा मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिए श्रद्धापूर्वक पूजते हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को श्री ओम बन्ना मंदिर के लिए भूमि आवंटन के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित आभार समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पाली जिले के चोटीला में श्री ओम बन्ना मंदिर के विस्तार और सुव्यवस्थित विकास के लिए हमारी सरकार द्वारा भूमि आवंटित की गई है। इससे मंदिर परिसर का अच्छा विकास होगा और धार्मिक पर्यटन को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी-विरासत भी’ के मंत्र को आत्मसात कर प्रदेश के समग्र विकास के लिए कार्य कर रही है। हमने ढाई वर्ष में विरासत स्थलों और आस्था धामों के विकास के लिए अनेक कदम उठाए हैं। राजस्थान में पृथ्वीराज चैहान, मीरा बाई, राणा सांगा, हाड़ी रानी और वीर शिरोमणि राव चंद्रसेन जैसे अनेक पैनोरमाओं का निर्माण कार्य करवाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में धार्मिक पर्यटन को नई गति देने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। पुष्कर, खाटूश्यामजी, नाथद्वारा, केशोरायपाटन, डीग और चित्तौड़गढ़ जैसे धार्मिक शहरों में हेरिटेज वॉक वे का निर्माण करवाएंगे। इसी प्रकार, किराडू के मंदिर समूह के संरक्षण एवं जीर्णाेद्धार के कार्य होंगे। शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण के लिए भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पाली के श्री करूणामूर्ति धाम, ब्यावर के मकरमंडी माताजी मंदिर में विकास कार्य कराए जाएंगे। वहीं, राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत 1 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा करवा चुकी है। इस वर्ष भी हजारों वरिष्ठजनों को हवाई मार्ग से नेपाल के पशुपतिनाथ और एसी ट्रेन से विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थान विभाग की धर्मशालाओं की मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार के कार्य किए जाएंगे। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए देवस्थान विभाग के अधीन खाली भूमि पर धर्मशालाओं के निर्माण एवं संचालन के लिए नई नीति बनाई जाएगी। इसी प्रकार, दीपावली, होली, शिवरात्रि, रामनवमी, गुरु पूर्णिमा जैसे त्योहारों पर मंदिरों में विशेष साज-सज्जा व आरती के कार्यक्रम आयोजित होंगेे। उन्होंने कहा कि जहां आस्था का सम्मान होता है, वहां संस्कृति सशक्त होती है, समाज संगठित होता है और विकास को नई दिशा मिलती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सहेजते हुए विकसित, समृद्ध और गौरवशाली राजस्थान बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए पानी एवं बिजली के क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाओं को धरातल पर उतार रही है, जिससे इनकी पर्याप्त उपलब्धता बढ़ रही है। मजबूत फैसलों से पेपरलीक पर लगाम लगाई है तथा युवाओं के लिए रिकाॅर्ड भर्तियों से लेकर स्वरोजगार के समुचित अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। किसानों और पशुपालकों के कल्याण के लिए भी विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस अवसर पर विधायक पुष्पेन्द्र सिंह राणावत सहित श्री ओम बन्ना मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी, मारवाड़ राजपूत सभा के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।






























