Jaipur

– सुसाइड का प्रयास करने वाले शंकर खण्डेलवाल ने लैटर में लगाए जयपुर के भाजपा विधायक, नामी व्यापारी, वकीलों और अफसरों पर जान से मारने के आरोप
जयपुर। जयपुर के नामी और रसूखदार सफेदपोश लोग सूदखोरी और महंगे ब्याज के गोरखधंधे में लिप्त है। इसमें जनता के सेवक विधायक, पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों की काली कमाई भी लगी हुई है। इन सबका आपराधिक गठजोड महंगी दरों पर ब्याज देकर ना केवल जयपुर के लोग पर जुल्म ढहा रहे हैं, बल्कि ब्याज और मूल नहीं चुकाने पर वे लोगों को इतना प्रताड़ित कर रहे हैं कि उनके सामने सुसाइड के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है। हाल ही करधनी थाने में एक प्रॉपर्टी डीलर ऐसे ही सूदखोरों और ब्याज माफियओं व तांत्रिकों के चंगुल में फंसकर परिवार समेत खुदकुशी कर चुका है। पहले भी सूदखोरी के जाल में फंसकर कई परिवार तबाह हो चुके हैं। सफेदपोश लोगों के सूदखोरी के इस

Property dealer Shankar Khandelwal, Gumaan Group, Suicide,
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गोरखधंधे की चपेट में आकर जयपुर का एक नामी व्यापारी और प्रॉपर्टी डीलर ने बुधवार रात को सुसाइड करने की कोशिश की। यह तो गनीमत रही कि परिजनों को पता चलने पर समय पर मेडिकल सहायता मिलने पर वह बच गए, अन्यथा कुछ भी हो सकता था। सूदखोरों के चलते मौत को गले लगाने का प्रयास करने वाले शंकर खण्डेÞलवाल शहर के नामी व्यापारी हैं और गुमन समूह के नाम से प्रॉपर्टी का धंधा है। हालांकि राजस्थान के बड़े घोटालों में शुमार सिण्डीकेट बैंक घोटाले में शंकर खण्डेÞलवाल आरोपी है।

यह घोटाला एक हजार करोड़ का है, जिसमें शंकर समेत कई नामी लोग व व्यापारी आरोपी है। सूदखोरों की धमकियों से डिप्रेशन में चल रहे शंकर खण्ड़ेलवाल ने नींद की अत्यधिक गोलियां खाकर सुसाइड करने का प्रयास किया, हालांकि समय रहते चिकित्सा मिलने पर उनका जीवन बच गया। सुसाइड करने को लेकर उन्होंने एक लैटर सोशल मीडिया पर डाला है, जो काफी वायरल हो रहा है। इस लैटर में शंकर खण्डेÞलवाल ने जयपुर के चार बार के विधायक, जयपुर के नामी-गिरामी व्यापारियों, अफसरों और वकीलों का नाम लेते हुए आरोप लगाया है कि वे उसे मोटा ब्याज चुकाने के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। इनसे तंग आ चुका है। मेरे परिवार को जान-माल का खतरा है। शंकर खण्डेÞलवाल ने यह पत्र मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को संबोधित करते हुए लिखा है। सुर्खियों में आए इस मामले को लेकर प्रशासन ने लीपापोती भी करनी शुरु कर दी है। विधायक, नामी बिल्डरों और अफसरों का नाम उजागर होने पर पुलिस कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने में लग गया है।

– सेवक ही बने हुए जनता के भक्षक….
शंकर खण्डेलवाल के पत्र ने जयपुर में सूदखोरी में लिप्त सफेदपोश व्यापारियों, अफसरों और जनप्रतिनिधियों की पोल सामने ला दी है। इस पत्र से यह तो सामने आ गया है कि जनता के सेवक विधायक और अफसर ही जनता के भक्षक बने हुए हैं, जो आपराधिक लोगों से मिलकर जनता पर ही जुल्म ढहा रहे हैं। मोटे ब्याज पर पैसा देकर जनता को लूट रहे हैं और फिर थोड़ा बहुत दान-पुण्य करके खुद को परोपकारी और सेवाभावी दिखाने का ढोंग भी करते हैं। लैटर में जिस विधायक का नाम सामने आया है वे अपने विधानसभा क्षेत्र में सूदखोरी के कुख्यात है। एक नामी बिल्डर समूह के साथ उनकी पार्टनरशिप भी जगजाहिर है, जो विवादों के लिए शहर में बदनाम है। ये विधायक दिखावे के तौर पर अपने क्षेत्र में गरीबों को मशीन बांटकर, स्कूल फीस देकर सेवाभावी होने का दावा करते रहते हैं। शंकर खण्डेलवाल के इस लैटर से विधायक ही नहीं दूसरे नामी लोगों की पोल भी सामने आ चुकी है। अब देखना है कि ऐसे सूदखोरों के खिलाफ पुलिस प्रशासन क्या ठोस कार्रवाई करता है।

– परिजनों ने कहा, विधायक, बिल्डर, अफसर करते हैं परेशान
शंकर खण्डेÞलवाल के लैटर में साफ नाम लेते हुए प्रताड़ना के आरोप लगे हैं। उनके सुसाइड के प्रयास के बाद उनके परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने (शंकर खण्डेÞलवाल) ने बिजनेस के लिए बाजार से पैसा उधार लिया। उन पर इतना ब्याज लगा दिया है कि वे इसे चुकाने में असमर्थ है। ब्याज और मूल देने के लिए वे उन्हें धमका रहे हैं। उन्हें और परिवार के लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। परिजनों ने परकोटे से जुडेÞ भाजपा के विधायक, बिल्डर, ज्वैलर्स समेत २१ जनों पर आरोप लगाया है कि वे उन्हें लगातार प्रताड़ित करके बर्बाद करने और परिवार समेत खत्म करने के लिए धमका रहे हैं। उधर, पुलिस ने मामले में जांच शुरु कर दी है। वहीं शंकर खण्डेÞलवाल के खिलाफ भी महेश नगर थाने में पुलिस अफसरों का नाम लेकर धमकाने की शिकायत दर्ज हुई है।

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