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संजय सैनी
जयपुर। सिंडीकेट बैंक को एक हजार करोड़ रूपए का नुकसान पहुंचाने में बैंक के छह बड़े अफसरों की भी संदिग्ध भूमिका है। इनमें एक अधिकारी संतोष कुमार गुप्ता रिटायर हो चुके है जब ये अफसर जरा भी सतर्क रहते तो बैंक को इतना बड़ा नुकसान नहीं होता। जयपुर में मालवीय नगर, एमआई रोड और उदयपुर में बैंक की शाखाओं में लगे हुए बड़े अफसरों ने अपने अधिकारों के बाहर जाकर काम किया जिससे घोटाले के मुख्य सूत्रधार भरत बम्ब और शंकर खंडेलवाल ने जमकर चांदी कूटी। फर्जी चैक, बिल डिस्काउटिंग व फर्जी एलआईसी से हजार करोड रुपयो का भुगतान कराया जिससे यह सारा घोटाला हुआ। बैंक के डीजीएम सी श्रीधरन ने इस संबंध में 7 मार्च 2016 को जो एफआईआर सीबीआई में दर्ज कराई है उसमें सतीश कुमार गोयल जनरल मैनेजर, फील्ड जनरल मैनेजर आफिस नई दिल्ली, संजीव कुमार डीजीएम रीजनल आफिस जयपुर, देशराज मीणा, चीफ मैनेजर एमआई रोड ब्रांच, आदर्श मनचंदा, एजीएम जयपुर, मालवीय नगर ब्रांच, अवधेश तिवारी एजीएम उदयपुर ब्रांच को आरोपी बनाया गया है।

घोटाले की आंच बैंक अफसरों पर
बैंक की प्राथमिक जांच में साबित हुआ है कि सारे फर्जी ट्रांजेक्शन, जालसाजी बदनीयती से अवैध तरीके से लाभ कमाने, बैंक को नुकसान पहुंचाने की नीयत से किए गए थे। इसमें बैंक के पांच अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है जिनमें सतीश कुमार गोयल जनरल मैनेजर, फील्ड जनरल मैनेजर आफिस नई दिल्ली, संजीव कुमार डीजीएम रीजनल आफिस जयपुर, देशराज मीणा, चीफ मैनेजर एमआई रोड ब्रांच, आदर्श मनचंदा, एजीएम जयपुर, मालवीय नगर ब्रांच, अवधेश तिवारी एजीएम उदयपुर ब्रांच की भूमिका संदिग्ध है। साथ ही भरत बम्ब, शंकर खंडेलवाल, पीयूष जैन, विनीत जैन व अन्य लोग शामिल है। इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, षडयंत्रपूर्वक, फर्जी कागजात बनाने पर भारतीय दंड संहिता कीधारा 120 बी, 409, 420, 467, 468, 471 समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमें दर्ज किए गए हैं।

घोटाले की जड़े जयपुर व उदयपुर में
इस एफआईआर के अनुसार हजार करोड़ के घोटाले की जड़े जयपुर की एमआई रोड व मालवीय नगर और उदयपुर ब्रांच में हैं। इन शाखाओं में 157 फर्जी खातों से जालसाजी से फर्जी चैक, डिस्काउंटिग, ओवरड्राफ्ट और जाली एलआईसी से एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि निकाली गई। घोेटाले की शुरूआत 2011 से शुरू हुई थी। इस घोटाले के मुख्य सूत्रघार सीए भरत बम्ब, शंकर खंडेलवाल और पीयूष जैन है।

कोलकाता, मुंबई, इंदौर के व्यापारी भी शामिल
इस हजार करोड़ के घोटाले की प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इन फर्जी खातों से इंदौर, कोलकता, मुंबई और बैंगलुरू की 29 ब्रांचों में लेनदेन हुआ। करोड़ों रुपए की राशि खातों से निकाली गई। उन्हें प्रापर्टी, शेयर बाजार, व संपत्ति खरीदने में निवेश किया गया है। कोलकाता और बैंगलुरु, इंदौर, जयपुर के कुछ खास व्यापारियों पर सीबीाई की निगाह है। इनसे हुआ लेनदेन जल्द ही सामने आ सकता है। इन व्यापारियों को नोटिस देकर भी बुलाया जा सकता है।

मालवीय नगर, एमआई रोड व उदयपुर की ब्रांचों में इस तरह किया घोटाला
ब्रांच फर्जी ट्रांजेक्शन निकाली गई राशि (लाखों में)
मालवीय नगर 319 86468.76
एम आई रोड 10 4613.51
उदयपुर 57 8980.97
कुल राशि 386 100063.24

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