Senior journalist Sawai Singh

झुंझुनू। राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक व साहित्यकार सवाईसिंह धमोरा का आज 91 वर्ष की उम्र में झुंझुनू जिले में स्थित उनके पैतृक गांव धमोरा में निधन हो गया। उनका दाह संस्कार धमोरा गांव में ही किया गया जिसमें काफी संख्या में लोग शामिल हुये। आजाद भारत के सबसे बड़े इतिहासकारो में से एक सवाईसिंह धमोरा जो स्वयं एक इतिहास थे, एक आंदोलन थे, बैखोफ थे, बेलाग थे, एक सभ्यता व संस्कृति के ध्वज वाहक थे। वे सही के लिए अंतिम दम तक अपनी बात पर टिकने वाले व्यक्तित्व थे। वे एक ऐसे पत्रकार भी थे जो अपनी मर्जी के मालिक थे,मूढी थे। वे राजस्थानी भाषा, इतिहास व संस्कृति की चलती फिरती डिक्शनरी थे।

वे आकाशवाणी व दूरदर्शन के प्रसिद्ध वाचक व वातार्कार थे तो वे अनेक अखबारो के प्रसिद्ध स्तंभकार थे। वे संघ शक्ति नामक पुस्तिका के लम्बे समय तक सम्पादक रहे थे। 91 वर्ष की आयु में भी वे लगातार अखबारो में लिखते रहते थे। वे कँवर आयुवान सिंह जी व तन सिंह जी के साथ भू स्वामी आंदोलन के प्रणेताओ में से एक थे। तथा भू स्वामी आंदोलन आन्दोलन के कारण वर्षो जेल में भी रहे। बाद में वे आकाशवाणी के जयपुर केन्द्र में सेवारत हो गये। देश प्रदेश के अधिकांश हिन्दी भाषा के समाचार पत्र,पत्रिकाओ में उनके लिख लेख प्रमुखता से प्रकाशित होते थे। उन्होने राजस्थानी में पीरू प्रकाश, गांधी गाथा,चित्तोड़ का जोहर नामक पुस्तके भी लिखी थी। उन्होने 1957 में गुढ़ा विधानसभा क्षेत्र से रामराज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनवा भी लड़ा था मगर कांग्रेस प्रत्याशी शिवनाथ सिंह गिल से हार गये थे। वरिष्ठ पत्रकार सवाईसिंह धमोरा के निधन पर पूर्व मंत्री डा.जितेन्द्र सिंह,डा.राजकुमार शर्मा, राजेन्द्र सिंह गुढ़ा, पूर्व विधायक विरेन्द्र प्रताप सिंह, भोलाराम सैनी, रंगलाल लमोरिया, झुंझुनू प्रेस क्लब के अघ्यक्ष महेन्द्र मयन्द,सचिव रमेश सर्राफ धमोरा ने शोक प्रकट किया है।

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