-जनप्रहरी एक्सप्रेस
जयपुर. जयपुर में मंगलवार को दिनदहाड़े दो बदमाश पुलिस वर्दी में अलग-अलग घरों में लूटपाट करने पहुंचे थे। दोनों ही जगह महिलाओं की सूझबूझ और हिम्मत से ये लुटेरे वारदात नहीं कर पाए। एक महिला ने बदमाशों का इरादा समझते गेट ही नहीं खोला तो दूसरी बदमाशों से लड़ती रही। उसके चीखने, चिल्लाने से बदमाश घबरा गए। महिला को लड़ता देख उसके पालतू डॉग ने अटैक कर दिया। एक बदमाश को काटा तो सभी दुम दबाकर भागे। कैसे बदमाशों की साजिश पर पानी फेर दिया… दोपहर 12.40 पर एक पुलिसवाला गेट पर आया। मैंने गेट खोला और पुलिसवाले से यहां आने का कारण पूछा। वर्दी में आए बदमाश ने खुद का नाम कमल बताया। उसने कहा कि वह करधनी थाने में तैनात है। उसे भंवर सिंह नरुका से काम है। मैंने भंवर सिंह के घर पर नहीं होने की बात कहकर मना कर दिया। युवक बोला कि मोबाइल नंबर दे दो। मैंने मोबाइल नंबर बदमाश को दिए। बदमाश बोला यह नंबर नहीं लग रहे। मैंने दूसरा मोबाइल नंबर दे दिया। आरोपी बिना नंबर डायल किए मोबाइल कान पर लगाकर बोलने लगा कि भंवर सिंह जी आप कैसे हैं। मॉल में हैं। जब भी घर लौटें तो करधनी थाने होते हुए आना। मैं थाने से कमल बोल रहा हूं। उसके बाद आरोपी बोला कि मैडम मुझे पानी पिला दो। मैं दरवाजा बंद कर रसोई में चली गई। बदमाश को एक गिलास पानी दिया। इसके बाद बदमाश फिर से बोला कि उसे और पानी पीना है। इस पर मैंने गिलास लिया। फिर से कुंडी लगा दी। किचन में गई और पानी का गिलास लेकर आई। फिर बदमाश को पानी दिया। बदमाश इस फिराक में थे की मैं दोबारा पानी लेने के लिए अंदर जाती और कुंडी खुली छोड़ देती। इससे ये तीनों बदमाश आराम से कमरे में घुस कर वारदात करते। मैंने दोनों बार कुंडी लगाई। इससे बदमाशों को उस समय मौका नहीं मिला। पुलिस की वर्दी पहने हुए बदमाश को दूसरी बार जब पानी पीकर ग्लास दिया तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे अंदर धकेल दिया। मैंने भी उसका गला दोनों हाथों से पकड़ा। वह मुझे धक्का देता हुआ कमरे के अंदर ले गया। इस दौरान सीढ़ियों पर खड़े उसके दो अन्य साथी भी कमरे में आ गए। एक ने मुझे थप्पड़ मारकर मेरा मुंह बंद करने के लिए कहा। दूसरा मुझे पिस्टल दिखाकर डराने लगा। जैसे ही बदमाशों ने मुझे थप्पड़ मारे तो मेरा डॉगी (मैकी) समझ गया। उसने भौंकना शुरू किया। इसके बाद डॉगी ने एक बदमाश को काट लिया। दूसरे ने उसे मारा इसके बाद डॉगी अटैकिंग मोड पर आकर उन पर हमला करने लगा। इससे बाद में आए दोनों बदमाश भागने लगे तो वर्दी वाला बदमाश भी भाग गया। मैंने उनका पीछा भी किया, लेकिन तब तक वे बाहर निकल गए। इसके बाद मैं बालकनी में आकर चोर-चोर चिल्लाई, लेकिन तब तक ये बदमाश भाग चुके थे।
ब्रिजेश कंवर के पति ने बताया कि मैकी उनके पास में पिछले 4 साल से है। उनकी पत्नी उसे बहुत प्यार करती है। सुरक्षा के लिए मकान में सीसीटीवी 3 साल पहले लगाया था। सीसीटीवी से पता चला कि बदमाश 10 तारीख को भी रेकी करने घर पर आए थे। जो आरोपी पुलिस की वर्दी पहन कर आया था। उसका हेयर स्टाइल और 10 तारीख को आए हुए बदमाशों का हेयर स्टाइल एक जैसी है। मकान मालिक भंवरसिंह नरूका ने बताया कि 10 तारीख को भी मेरे घर पर दोपहर 12 बजकर 37 मिनट पर कुछ लोग बाइक पर आए थे। उनका हुलिया और इन बदमाशों का हुलिया एक जैसा लग रहा हैं। इन लोगों ने रैकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया है। सीसीटीवी में जो समझ आ रहा है कि उससे लगता है कि ये लोग कालवाड़ रोड से आए और वारदात करने के बाद हातौज की तरफ भागे है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है।

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