जयपुर। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मंगलवार को टोंक में विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इससे पहले उन्होंने कहा कि मुझे कहा गया है सभी को माफ करो और आगे बढ़ो, इसी लाइन पर मैं आगे बढ़ रहा हूं। हमारा न कोई मनभेद है, न मतभेद है, न कोई गुट है। पायलट हजारों कार्यकर्ताओं के साथ नामांकन भरने पहुंचे। टोंक में सवाई माधोपुर चौराहा पर भूतेश्वर महादेव मंदिर से करीब 11:30 बजे उन्होंने रैली की शुरुआत की थी। इससे पहले पायलट ने भूतेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। पायलट की नामांकन रैली में विधायक डॉ. रघु शर्मा, प्रशांत बैरवा, राकेश पारीक, खिलाड़ी लाल बैरवा, टोंक प्रभारी अनिल चोपड़ा समेत हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे। रैली के लिए बाजार में जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे। पायलट ने नामांकन दाखिल करने से पहले पत्रकारों से बात की। उन पर हुए सियासी हमलों को लेकर उन्होंने कहा कि मुझसे खड़गे और राहुल गांधी ने कहा है कि माफ करो और आगे बढ़ो, मैं उसी लाइन पर चल रहा हूं। वहीं, उन्होंने चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी भी पहले से यह सब घोषित नहीं करती है। बहुमत आने के बाद पार्टी आलाकमान तय करता है कि नेतृत्व कौन करेगा। हर उम्मीदवार के साथ पार्टी खड़ी है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां कोई गुट नहीं है। केवल सोनिया गांधी, खड़गे और राहुल गांधी का गुट है। छह नवंबर तक नामांकन पत्र भरने के बाद सात नवंबर को इनकी जांच की जाएगी। सफल नामांकन की सूची जारी करने के बाद उम्मीदवार को नामांकन वापस लेने के लिए नौ नवंबर तक का समय दिया जाएगा। नौ नवंबर को नाम वापसी की तारीख के बाद चुनाव लड़ने वाले फाइनल उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की जाएगी। विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते समय सामान्य अभ्यर्थी को 10 हजार रुपए और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी को 5-5 हजार रुपए जमानत राशि जमा के तौर पर जमा करवाने होंगे।
-सचिन पायलट और सारा का तलाक, शपथ पत्र से खुलासा
राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट अब अपनी पत्नी सारा पायलट से अलग हो चुके हैं। सचिन पायलट और सारा पायलट के बीच तलाक भी हो चुका है। पायलट के चुनावी शपथ पत्र से इसका खुलासा हुआ है। उन्होंने टोंक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरने के दौरान जमा करवाए शपथ पत्र में पत्नी के नाम के आगे ‘तलाकशुदा’ लिखा है। पायलट और सारा के बीच तलाक होने की जानकारी पहली बार सार्वजनिक हुई है। अभी यह साफ नहीं हुआ है कि तलाक कब हुआ है? सचिन पायलट के दोनों बच्चे उनके पास हैं। पायलट ने शपथ पत्र में डिपेंडेंट के तौर पर दोनों बच्चों (आरन पायलट और विहान पायलट) के नाम लिखे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव (नवंबर 2018) में दिए शपथ पत्र में सचिन पायलट ने पत्नी के नाम के कॉलम में सारा पायलट का नाम लिखा था। इस बार पत्नी के नाम के कॉलम में ‘तलाकशुदा’ लिखा है। पायलट और सारा के अलग होने की चर्चा 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी चली थी। उस वक्त इन्हें अफवाह बताकर खारिज कर दिया गया था। पायलट ने सारा से जनवरी 2004 में शादी की थी। सारा जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला की बेटी और उमर अब्दुल्ला की बहन हैं। दिसंबर 2018 में जब सचिन पायलट ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, उस समारोह में सारा, दोनों बेटे और फारूक अब्दुल्ला भी शामिल हुए थे।

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