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जयपुर। दुर्घटनाग्रस्त कार के क्लेम के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश एम.एन. भंडारी की एकलपीठ ने बीमा लोकपाल को निजी बीमा कंपनी के खिलाफ लंबित शिकायत का दो माह में निस्तारण करने को कहा है। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा है कि याचिका निजी बीमा कंपनी के खिलाफ है, ऐसी स्थिति में संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत याचिका पेश नहीं की जा सकती है।

इस संबंध में मुकेश कुमार ने याचिका दायर कर हाईकोर्ट को बताया कि उसकी कार 10 अगस्त को भीलवाड़ा में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। 11 अगस्त को श्रीराम बीमा कंपनी के सर्वेयर ने कार का निरीक्षण कर टोटल लॉस बता दिया और कार के सारे दस्तावेज ले गया। बाद में बीमा कंपनी ने कार की ऑन लाईन बिक्री निकाल दी। जब उसने क्लेम सेंटलमेंट के लिए कहा तो कंपनी ने दूसरा सर्वेयर नियुक्त कर 12 लाख रुपए का नुकसान बता दिया। इसके बाद दो अन्य सर्वेयर भी नियुक्त किए गए। जबकि नियमानुसार एक बार सर्वेयर के निरीक्षण के बाद दूसरा सर्वेयर नियुक्त नहीं किया जा सकता।

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