नई दिल्ली। अभी तक तो लोग जीएसटी का विरोध करते ही नजर आ रहे थे। मगर सरकार कह रही थी की जीएसटी से देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। देश विकास की राह पर आगे बढ़ेगा। अब सरकार ने एक नई योजना को अमलीजामा पहनाने की शुरूआत कर दी है। जिससे देश के कई तबकों को जिनमें वरिष्ठ नागरिक, विधवाओं और दिव्यांगों को इसका फायदा मिलेगा। जी हां केंद्र सरकार जीएसटी की कमाई के आंकड़ों पर नजर रख रही है, जिसके बाद इस पर फैसला लिया जाएगा। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, इसके लिए केंद्र सरकार ने खाका तैयार कर लिया है। सूत्रों के अनुसार केंद्र ने जो खाका तैयार किया है उससे केंद्रीय बजट पर 12 हजार करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। अभी बजट में इनके लिए 9500 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

अगर सरकार अपनी तरफ से पेंशन योजनाओं की राशि में बढ़ोतरी करती है तो उसको 22 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त फंड की जरुरत पड़ेगी। केंद्र ने जीएसटी के जरिए राज्यों की कमाई का 40 फीसदी हिस्सा पेंशन योजनाओं पर खर्च करने की तैयारी कर ली है। फिलहाल इन योजनाओं पर अभी पूरा का पूरा खर्च केंद्र सरकार ही उठाती है। अभी वृद्धावस्था पेंशन स्कीम में हर महीने सीनियर सिटीजन को 200 रुपये पेंशन मिलती है। इसको 500 रुपये मासिक किया जाने का प्लान है। 500 रुपये में 300 रुपये केंद्र देगा, जबकि 200 रुपये राज्य सरकार के हिस्से में जाएगा। सरकार अब ऐसी विधावओं को भी पेंशन देगी जिनकी उम्र 18 से 39 साल के बीच है। अगर ये महिलाएं दुबारा से शादी करने की सोचती हैं, तो उनको दूसरी शादी करने के लिए भी आर्थिक मदद दी जाएगी। फिलहाल 40 साल से ऊपर की महिलाओं को ही विधवा पेंशन का लाभ मिलता है। वहीं दिव्यांगों को 40 फीसदी विकलांगता पर भी पेंशन मिलेगी। अभी इसके लिए 80 फीसदी दिव्यांग होना जरूरी है। इसकी पेंशन राशि को भी 300 रुपये से बढ़ाकर के 500 रुपये प्रति महीना करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जीएसटी के तिमाही आंकड़े आने के बाद ही इन सभी पर सरकार फैसला लेगी।

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