Javed Akhtar, who has commented on Rajput kings, will not let JLF in
जयपुर। पद्मावत फिल्म पर राष्ट्रव्यापी बैन की मांग कर रहे राजस्थान के राजपूत संगठनों ने ऐलान किया है कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) में हर उस शख्स का विरोध करेंगे, जो पदमावती फिल्म के पक्ष में बोले और राजपूत समाज की भावनाओं की कद्र नहीं की। राजपूत नेताओं ने जेएलएफ में आ रहे सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी के साथ अब लेखक जावेद अख्तर का भी विरोध करेंगे। उन्होंने चेताया है कि अगर ये फेस्टिवल में आते हैं तो समाज इनका विरोध करेगा। इन्हें जेएलएफ में किसी भी कार्यक्रम में नहीं घुसने देंगे। जयपुर में आने पर भी विरोध किया जाएगा। श्री राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष अजीत सिंह मामडोली, पूर्व मंत्री राधेश्याम तंवर, राजपूत-रावणा समाज संघर्ष समिति के प्रवक्ता दुर्ग सिंह खींवसर समेत अन्य राजपूत संगठनों व पदाधिकारियों ने कहा है कि जेएलएफ में प्रसून जोशी व जावेद अख्तर आ रहे हैं, इनका समाज विरोध करेगा।
हालांकि विरोध किस तरह का होगा, वो बताने से इंकार करते हुए कहा कि उनका कार्यक्रम नहीं होने देंगे। राजपूत संगठनों की इस चेतावनी पर जेएलएफ विवादों में आ गया है। अगर ये दोनों आते हैं तो विरोध में राजपूत समाज भी जेएलएफ स्थल आ सकता है। ऐसे में कानून व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो सकती है। गौरतलब है कि पदमावती फिल्म के रिलीज करने की मंजूरी देने से राजपूत समाज प्रसून जोशी से नाराज है। जावेद अख्तर ने फिल्म का विरोध करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि राजपूत राजा और महाराजाओं ने अंग्रेजों से नहीं लड़े और उनके आगे नतमस्तक रहे। इस बयान का काफी विरोध हुआ था। हालांकि जावेद अख्तर ने विवाद बढ़ने पर माफी मांग ली थी।

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