'Jaipur Jewelery Show' to be started from Dec 22
जयपुर। देश का नंबर वन बी2बी व बी2सी शो-‘जयपुर ज्वेलरी शो‘  ‘‘रूबी… रेड, रेयर एंड राॅयल’’  थीम के साथ जयपुर के सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिषन एंड कन्वेंषन सेंटर (जेईसीसी) में 22 से 25 दिसंबर 2017 को आयोजित होने जा रहा है। बी2सी व बी2बी श्रेणी में देश का नंबर वन शो – जेजेएस दिसंबर शो के रूप में दुनिया भर में अपनी खास पहचान बना चुका है, जिसमें शीर्ष जवाहरात कारोबारी अपनी नयी डिजायन और बेहतरीन कारीगरी को प्रदर्शित करते हैं और देश-विदेश के सालाना कलैण्डर में जेजेएस को स्थान दिया जाता है। शो संयोजक विमल चन्द सुराणा के अनुसार जयपुर के जवाहरात व्यापारियों को जेजेएस से अंतरराष्ट्रीय जवाहरात उद्योग को एक मंच मिला है। जेजेएस एवं ब्रान्ड जयपुर के चलते हीरा-जवाहरात उद्योग में पूरी दुनिया में प्रतिष्ठित संस्थान वल्र्ड फेडरेशन ऑफ डायमंड ब्रोरसेज, डॉयमंड टेªडिंग कम्पनी शो से जुड़ चुकी हैं। जबकि विश्व में ज्वेलरी, जेमस्टोन को बढ़ावा देने वाली संस्था सीबजो भी जेजेएस से जुड़ी हैं। इसके अलावा रत्न एवं आभूषण क्षेत्र की सबसे सम्मानीय संस्था जैमोलोजिकल इंस्टिट्यूट ऑफ अमेरिका, जैम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, जैम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन और इन्टरनेशनल कलर स्टोन जैसे संगठन इस शो को अपना सहयोग दे रहे हैं। हीरे खनन  एवं मार्केटिंग में बडी कम्पनी रियो टिंटों व पन्ने की जैम्स फील्डस् जेजेएस से लगातार जुडी हुई है। जेजेएस केन्द्र व राज्य सरकार को भी जवाहरात उद्योग के विकास की संभावनाओं पर नियमित रूप से अवगत करा रहा है।
800 से अधिक बूथ्स होंगे
जेजेएस सचिव राजीव जैन ने बताया कि वर्ष 2003 में स्वर्गीय श्री रश्मिकांत दुर्लभजी द्वारा शहर के एंटरटेनमेंट पैराडाइज में मात्र 67 स्टाॅल्स के साथ जेजेएस की शुरूआत की गई थी। जेजेएस वर्ष 2015 में जेईसीसी में 730 बूथ लगाए गए थे। इस वर्ष शो में 800 से अधिक बूथ्स होंगे। यह जेजेएस ब्रांड और जेईसीसी वैन्यू की वजह से संभव हो पाया है, जिसकी वजह से जेजेएस के बूथ्स में प्रतिवर्ष लगभग 10 प्रतिषत की वृद्धि संभव हो सकी है। उल्लेखनीय है कि जेजेएस में इस वर्ष 70 प्रतिषत बूथ्स डिजाइनर हैं।
स्टेट-आॅफ-द-आर्ट आयोजन स्थल
राजीव जैन ने बताया एग्जीबिटर्स द्वारा अधिक बूथ और बेहतर सुविधाओं की लगातार मांग को देखते हुए जेजेएस आयोजन समिति ने वर्ष 2014 में सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिषन एंड कन्वेंषन सेंटर (ंजेईसीसी) में जेजेएस के आयोजन का निर्णय लिया था। इस वर्ष जेजेएस में 1.75 लाख वर्ग फुट एरिया में रत्न एवं ज्वैलरी प्रोडक्टस् प्रदर्षित किए जाएंगे। यहां स्टाॅल मालिक अत्यधिक प्रभावषाली एवं व्यापक बूथ बना सकेंगे, जो विजिटर्स को काफी पसंद आएंगे। रत्न एवं आभूषण के अतिरिक्त शो में पब्लिकेषंस, मषीनरी, जैम टेस्टिंग लेबोरेटरीज और जेजेएस-आईजे अवाड्र्स एन्ट्री के सेक्षनंस भी होंगे। शो में इस वर्ष भी एग्जीबिटर्स को बेहतर फ्लोरिंग, लाईटिंग, कार्पेट और लाउंज के साथ पार्किंग और शौचालय की अधिक बेहतर सुविधा मिलेगी। कार पार्किंग के लिए अधिक स्थान उपलब्ध होगा और पार्टिसिपेंट्स और आगंतुकों के लिए भी अनेक बेहतर सुविधाएं होंगी। राजीव जैन ने आगे बताया कि जेजेएस द्वारा इस वर्ष शो में पहली बार 9 वर्ग मीटर के 3 स्टाल्स बडिंग डिजाइनरों को प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त शो में जयपुर में नव स्थापित म्यूजियम ऑफ जैम एंड ज्वैलरी फैडरेशन की भी स्टाल होगी।
पुराने और नए एग्जीबिटर्स की भागीदारी
राजीव जैन के अनुसार जेजेएस में इस वर्ष बूथ्स की संख्या में लगभग 10 प्रतिषत की वृद्धि हुई है। जेजेएस के गत संस्करण की 730 स्टालों की तुलना में, इस वर्ष 800 से अधिक बूथ्स हैं। बूथ्स की संख्या के साथ-साथ स्थान में भी बढ़ोतरी यह स्पष्ट दर्षाती है कि जेजेएस में ना केवल पुराने एग्जीब्टिर्स लगातार जुड़े हुए हैं, बल्कि नए एग्जीबिटर्स भी इस भव्य ‘दिसंबर शो‘ में भाग लेने में गहरी रुचि दिखा रहे हैं।
दिसम्बर शो
राजीव जैन के अनुसार ‘दिसम्बर शो‘ के रूप में लोकप्रिय जेजेएस में आने वाले 35,000 से अधिक विजिटर्स के साथ यह देष का एक महत्वपूर्ण आयोजन बन चुका है। राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटकों और आगंतुकों के वार्षिक कैलेंडर में इस शो को शामिल किया गया है। शो में आने के लिये जयपुर के बाहर से लगभग 5,000 ऑनलाइन रजिस्ट्रेषन भी किए गए हैं। अनेक टूर आॅपरेटरर्स ने इस प्रतिष्ठित शो को अपने यात्रा कार्यक्रम में शामिल किया है, जिससे विदेशी और भारतीय पर्यटक जेजेएस में विजिट करते हैं।
जेजेएस-आईजे अवार्ड
सह-संयोजक दिनेश खटोरिया ने बताया कि जेजेएस-आईजे ज्वैलर्स च्वाॅइस डिजाइन अवार्ड्स के 7वें संस्करण का भव्य समारोह 23 दिसम्बर को होटल क्राउन प्लाजा में आयोजित किया जाएगा। विजेताओं को उनकी असाधारण प्रतिभा हेतु पुरस्कारों से नवाजा जाएगा।  इस समारोह में भारतीय जवाहरात उद्योग के गणमान्य व्यापारी और कई नामी फिल्मी हस्तियाॅं शामिल होंगी। मुम्बई में 25 नवम्बर को आयोजित ग्रांड ज्यूरी मीट में भारत भर से आयी 600 डिजायन प्रविष्टियों मंे से 120 डिजाईन्स को शाॅर्टलिस्ट किया जा चुका है। इस वर्ष के ज्यूरी पैनल में निरूपा भट्ट, एमडी, जीआईए इंडिया एवं मिडिल ईस्ट; राजीव जैन, सैक्रेटरी, जेजेएस; अनिल भरवानी, ज्वैलरी डिजाइनर; दिव्या दत्ता, फिल्म अभिनेत्री; आफताब बन्दुकवाला, इन्टीरियर डिजाइनर; मिनल वाज़ीरानी, एम. डी. सैफ्रान आर्ट ने निर्णायक मंडल के रूप में पूरी प्रक्रिया में भाग लिया।इसमें शामिल होने के लिए देषभर के आभूषण निर्माताओं, डिजाइनरों और रिटेलर्स को आमंत्रित किया गया था। सलेक्षन के प्रथम दौर में, देषभर के खुदरा विक्रेताओं द्वारा एक अनूठे आॅनलाइन फाॅर्मेट में वोटिंग की गई। इसके आधार पर चयनित नाॅमिनीज का फाइनल राउंड में जूरी सदस्यों के पैनल द्वारा अंतिम चयन किया गया। इस राउंड में जूरी सदस्यों द्वारा प्रत्येक डिजाइन को इनोवेषन, वियर-एबिलिटी, यूनिकनेस, फिनिषिंग और डिजाइनिंग पैमानों के आधार पर 1 से 5 अंक दिए गए। दिनेश खटोरिया ने आगे बताया कि हमें यह घोषणा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता है कि ‘आईजे ज्वैलर्स च्वाॅइस डिजाइन अवार्ड‘ के सर्वोत्तम डिजाइंस को बिडिंग के लिए जेजेएस में प्रदर्षित किया जाएगा। यह बेहतरीन डिजाइन चुनने का मौका होगा। आगंतुक और पार्टिसिपेंट्स यहां अपनी पसंद की ज्वेलरी के लिए बिड लगा सकेंगे। बिडिंग की प्रक्रिया जेजेएस के पहले दिन शुरू हो जाएगी और इसके परिणाम जेजेएस के समापन दिवस, 25 दिसम्बर को घोषित किए जाएंगे।
जयपुर ज्वैलरी डिजाइन फेस्टिवल (जेजेडीएफ)
कोषाध्यक्ष कमल कोठारी ने बताया कि जेजेएस इस बार जयपुर ज्वैलरी डिजाइन फेस्टिवल (जेजेडीएफ) के साथ एक नए स्वरूप में नजर आएगा। यह फेस्टिवल पहली बार जेजेएस का अहम हिस्सा बनेगा और इस मेगा ज्वैलरी शो का वार्षिक फीचर बनेगा। यह फेस्टिवल 22 दिसम्बर से 25 दिसम्बर को आयोजित किया जायेगा। इस वर्ष जेजेडीएफ में ऑल इंडिया जैम्स एंड ज्वेलरी फैडरेशन (जीजेएफ) के चैयरमेन, श्री नितिन खण्डेलवाल मुख्य अतिथि होंगे। अगले दिन 23 दिसम्बर को जीआईए इंडिया एवं मिडिल ईस्ट की एमडी, निरूपा भट्ट जेजेडीएफ विजिट करेंगी। जेजेडीएफ को जेजेएस के साथ जोड़ने का उद्देष्य ज्वैलरी डिजाइन को सेलिब्रेट करना और इसे सम्पूर्ण भव्यता के साथ प्रमोट करना है। जयपुर के अतिरिक्त अन्य कोई भी शहर ज्वैलरी इंडस्ट्री के लिए इतना उपयुक्त नहीं हो सकता। इस फेस्टिवल में एक्जीबिषन्स, इवेंट्स, इंस्टालेषन्स, टाॅक शो, पैनल डिस्कषन, सेमिनार, प्रोडक्ट शोकेस, बुक लाॅंच, नेटवर्किंग पार्टीज और अन्य बहुत से आकर्षण शामिल होंगे। कमल कोठारी के अनुसार जेजेडीएफ की 3 सदस्यीय टीम में सुश्री सोनल सावनसुखा, श्री अंकित लोढ़ा और श्री नैनीश ग्रोवर शामिल है। उन्होंने इस फेस्टिवल को क्यूरेट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जेजेडीएफ में भारत से ही प्रेरित चार थीम होंगी। ये थीम है – ‘इंडियाज एक्ट्राआॅर्डनरी‘ (भारत के ज्वैलर्स की टाॅप लीग), ‘इन लव विद इंडिया‘ (ऐसे अंतरराष्ट्रीय ज्वैलर्स के कलेक्षन जो भारत से प्रेरित है), इंडियन इनोवेटर्स (भारतीय ज्वैलर्स द्वारा तैयार इनोवेटिव ज्वैलरी) और आर्टिजन्स आॅफ इंडिया (ऐसे ज्वैलर जो अपनी ज्वैलरी में इंडियन आर्ट का समावेष करते हैं)। जेजेडीएफ ज्वैलरी के कंटेम्पररी डिजाइन के क्षेत्र में नेटवर्किंग करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। यह फेस्टिवल ज्वैलरी उद्योग के इन्फ्लुएंसर्स के डिजाइन के बारे में एक्सक्लूजिव सूचनाएं उपलब्ध कराएगा।  यह इनोवेटिव एवं मार्डन ज्वैलरी में ट्रेडिषनल स्वरूप के फ्यूजन को प्रदर्षित करने के एक मंच के रूप में भी उभरेगा। कमल कोठारी ने आगे बताया कि जेजेडीएफ में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के उच्च स्तर के ज्वैलरी मैन्युफेक्चरर्स, रिटेलर्स, डिजाइनर्स और आर्टिजन्स शामिल होंगे। दुनिया भर के कला पारखियांे ने फेस्टिवल में रूचि दिखाई है। इसी तरह टाॅप ज्वैलरी ब्लाॅगर्स और भारत के प्रमुख मीडिया हाउसेज भी फेस्टिवल में भाग लेंगे। इस फेस्टिवल में एक क्रिएटिव ज्वैलरी इंस्टालेषन गैलेरी भी होगी, जिसमें 30 से अधिक वाॅल डिस्प्ले होंगे। इसके अतिरिक्त इसमें 15 से अधिक टाॅक शो, जेजेडीएफ काफी टेबल बुक और ज्वैलरी क्राफ्ट का लाइव डेमोन्सट्रेषन भी होगा। इस बार इस शो में जेजेडीएफ के जुड़ने से विजिटर्स और पार्टिसिपेंट्स को फेस्टिवल की विभिन्न गतिविधियों जैसे आर्ट इंस्टालेषन, वर्क स्टेषन्स, कॅरियर फेयर्स, ब्लाॅगर्स मीट, काॅफी आइडिया बार, आर्ट लाइब्रेरी, आदि का लाभ भी मिलेगा। जेजेएस द्वारा विगत वर्षों में इस ट्रेड में नवीन युग के साथ हुए बदलावों और आवष्यकताओं के बारे में जागरूकता लाने का कार्य किया है। ‘डिजाइन‘ इनमें से ही एक है, ऐसे में जेजेडीएफ के माध्यम से इस उद्योग से जुडे़ लोगो की डिजाइन सम्बन्धी आवष्यकताओं की पूर्ति होगी।

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