Nabha Jail

नई दिल्ली। पंजाब के चर्चित नाभा जेल ब्रेक मामले में नया मोड़ आया है। उत्तर प्रदेश के एक आईपीएस पर गंभीर आरोप लगे हैं। गिरफ्तार आरोपित को एक करोड़ रुपये घूस लेकर छोड़ देने का आरोप वरीष्ठ आईपीएस अधिकारी पर लगा है। यह अधिकारी इस समय स्पेशल फोर्स के आईजी हैं। उत्‍तर प्रदेश के एक शीर्ष पुलिस अधिकारी के खिलाफ योगी सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अधिकारी पर पंजाब की नाभा जेल ब्रेक के मास्‍टरमाइंड गोपी घनश्यामपुरा को घूस लेकर छोड़ने का आरोप लग रहा है। घनश्यामपुरा को छोड़ने के लिए पुलिस अधिकारी ने एक करोड़ रुपये की रकम ली थी। इस मामले की जब मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को जानकारी मिली, तो उन्‍होंने मंगलवार शाम प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार और पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह को तलब किया। सीएम के निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह ने एडीजी के नेतृत्व में मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

आरोप है कि उन्होंनें जेल ब्रेक के मास्टरमाइंड गुरप्रीमत सिंह ऊर्फ गोपी घनश्याम पुरा को घूस लेकर छोड़ दिया। योगी सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए कमिटी गठित कर दी है। उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगने के बाद योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी और प्रमुख सचिव के साथ आपात बैठक की। सूत्रों की मानें तो अधिकारी के घूस लेने का ऑडियो भी मुख्यमंत्री के पास है।

डीजीपी सुलखान सिंह ने कहा कि आईजी के रिश्वत मामले की जांच एडीजी (कानून-व्यवस्था) को सौंपी गई है। आईजी को अभी पद से नहीं हटाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के संज्ञान में पूरा मामला है। उन्होंने कहा कि ऐसा भी हो सकता है, स्पेशल फोर्स को डिरेल करने के लिए ये सब घटना सामने आई हो।

गौरतलब है कि 27 नवंबर 2016 को खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट और बब्बर खालसा के आतंकवादियों को पटियाला की नाभा जेल से छुड़ा लिया गया था। आतंकियों को छुड़ाने के लिए अपराधी पुलिस की वर्दी में आए थे। इस मामले के मास्‍टरमाइंड गोपी घनश्याम पुरा को उत्‍तर प्रदेश में 10 सितंबर को शाहजहांपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पुलिस की तरफ से गोपी घनश्याम पुरा को पकड़ने के बारे में मीडिया में कोई जानकारी नहीं दी गई।

इसके बाद घनश्यामपुरा के दोस्‍त और नाभा जेल से फरार होने वाले अपराधियों में से एक हरजिंदर सिंह भुल्लर उर्फ विक्की गोंड ने फेसबुक पर गोपी घनश्यामपुरा को लखनऊ में गिरफ्तार किए जाने की खबर पोस्ट की। घनश्यामपुरा के दोस्‍त को डर था कि कही पुलिस उसका एनकाउंटर न कर दें, इस कारण उसने इस मामले को उजागर कर दिया। पंजाब पुलिस ने भी यूपी के पुलिस अफसरों से गोपी की गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी मांगी तो अफसरों ने कोई भी जानकारी होने से इंकार कर दिया। इसके बाद जानकारी मिली कि उसे छोड़ने के बदले यूपी की एक स्पेशल फोर्स के आईजी से एक करोड़ रुपये की डील हो गई है। इस पूरे मामले की मध्यस्तता कांग्रेस के एक नेता ने की।

हिरासत में लिए गए अपराधी घनश्यामपुरा को छोड़ने के लिए जिस अफसर का नाम सामने आ रहा है वह लखनऊ में ही तैनात है। सूत्रों के मुताबिक IG रैंक के इस अफसर के पहले भी कई कारनामे सामने आ चुके हैं। लेकिन इस अधिकारी की ऊपर तक पहुंच होने के कारण इसके खिलाफ कोई शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। आरोप है कि पंजाब के एक बड़े अपराधी और शराब व्यापारी के माध्‍यम से घनश्यामपुरा को छुड़ाने के लिए एक करोड़ रुपये की डील हुई। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार के मुताबिक एडीजी स्तर के अधिकारी की अगुवाई में उच्च स्तरीय कमेटी प्रकरण की जांच करेगी। नाभा जेल ब्रेक के मामले में पंजाब पुलिस मास्टरमाइंड गोपी घनश्यामपुरा की तलाश कर रही है।

आईजी स्तर के आईपीएस अधिकारी पर आरोप है कि गोपी घनश्याम पूरा को पिछले हफ्ते लखनऊ में ही गिरफ्तार किया गया था। घनश्याम की गिरफ्तारी की खबर हरजिंदर सिंह भुल्लर उर्फ विक्की ने अपने फ़ेसबुक पेज पर पोस्ट की, हरजिंदर उन 6 आरोपियों में से एक है जो नाभा जेल से भागा था।

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