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जयपुर। रामगढ़ बांध सहित प्रदेश के अन्य जलस्त्रोतों के बहाव क्षेत्र में हुए अतिक्रमण नहीं हटाने के मामले में अदालत के आदेश देने के बाद भी जवाब पेश नहीं करने पर राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश एम.एन. भंडारी और न्यायाधीश डी.सी. सोमानी की खंडपीठ ने नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार पर 25 हजार रुपए का हर्जाना लगाया है। हर्जाना राशि सरकार एक स’ाह में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा करायें। हाईकोर्ट में शपथ पत्र पेश नहीं करने वाले अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्होंने एक स’ाह में जवाब पेश नहीं किया तो उन पर भी हर्जाना लगाया जाएगा। लोक संपत्ति संरक्षण समिति ने याचिका में विराटनगर, शाहपुरा और आमेर तहसील में बहाव क्षेत्र में कॉलोनी काटने की जानकारी दी है। हाईकोर्ट ने 29 मई, 2०12 को रामगढ बांध के कैचमेंट एरिया सहित अन्य जल स्त्रोतों से अतिक्रमण हटाने को कहा था।

रामगढ़ बांध में हुए अतिक्रमण को लेकर लिये गये स्वप्रेरित प्रसंज्ञान एवं लोक संपत्ति संरक्षण समिति की दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता को कहा है कि वे प्रकरण में सहयोग करे और बालोतरा व पाली का दौरा कर वहां की एसटीपी प्लांट की रिपोर्ट पेश करे। गुरुवार को कुछ विभागों के अफसरों ने शपथ पत्र पेश किया एवं कुछ अफसरों के ट्रांसफर होने के कारण शपथ पत्र पेश नहीं हो सके। बाणगंगा नदी में हुए अतिक्रमण के मामले में दौसा कलक्टर हाईकोर्ट में हाजिर हुए। हाईकोर्ट ने उनसे कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है। भरतपुर कलक्टर को भी नदी के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण करने और कॉलोनी काटने के संबंध में अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

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