guru govind sinh jayantee aur lohadee

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि भारी बहुमत प्राप्त कर सत्ता में आई भाजपा सरकार अब तक तो नाकारा एवं निकम्मी साबित हुई है, लेकिन प्रदेश के व्यापक हित में मेरा आग्रह है कि सरकार आगामी बजट में रिफाइनरीए जयपुर मेट्रो फेज-2, डूंगरपुर-बांसवाडा-रतलाम रेल लाइन, भीलवाडा में मेमो कोच फैक्ट्री, परवन सिंचाई आदि के लिए समुचित प्रावधान करे अन्यथा राज्य की जनता उसे कभी माफ नहीं करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली नियामक आयोग द्वारा बिजली दरें बढ़ाये पांच महीने हो गये। कांग्रेस द्वारा बिजली दरें कम करने के लिए जिला स्तर पर धरनेध्प्रदर्शन किये गये, तब भी सरकार ने कोई परवाह नहीं की। अब झुंझुनू एवं सीकर में कांग्रेस द्वारा बड़े आंदोलन की तैयारी को देखते हुए आनन-फानन में सरकार ने बढ़ी हुई दरें वापस ले ली। बजट का भी इंतजार नहीं किया। सरकार को जन भावना के सामने झुकना पड़ा तथा मजबूरन आज से नहीं बल्कि सितम्बर 2016 से ही बढ़ी दरों को वापस लेना पड़ा। ये जनता की जीत है। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय भी नियामक आयोग द्वारा बिजली दरें बढ़ाई गई थी मगर सरकार ने तत्काल बिजली कम्पनियों को सब्सिडी देकर पांच साल तक किसानों की बिजली दरें नहीं बढ़ने दी। इस सरकार को भी समय रहते कदम उठाना था। गहलोत ने अपने एक बयान में कहा है कि राजस्थान की तस्वीर और तकदीर बदल देने वाली रिफाइनरी परियोजना को सिर्फ इसलिए रोक दिया गया कि इसका श्रेय कांग्रेस सरकार को नहीं मिले। मुख्यमंत्री आगामी बजट में इसका समुचित प्रावधान कर अपने पाप को धोने का प्रयास करें।
कांग्रेस सरकार की सबसे लोकप्रिय निःशुल्क दवा एवं जांच योजना तहस-नहस की जा चुकी है और प्रदेश के गरीब, मजदूर और किसान सभी परेशान हैं। फव्वारा सिंचाई, ड्रिप सिंचाई, डिग्गी निर्माण और सोलर पम्प पर कम की गई सब्सिडी को पुनः बढाया जाये। कांग्रेस सरकार ने यह राहत पहुंचाई थी जिसे वर्तमान सरकार ने कम कर दिया था।

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