Ashok Gehlot
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जोधपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर लगातार हमले बोल रहे हैं। सोमवार को अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार के तीन साल के कार्यकाल पर तीखे प्रहार करते हुए कहा, कि भारी बहुमत से जीतने के बावजूद राज्य की भाजपा सरकार तीन साल में एकदम नकारा और निकम्मी साबित हुई है। सरकार से लोगों की जो आशाएं और आकांक्षाऐं थीं, उन पर पानी फेर दिया है। प्रदेशवासियों में आज भारी आक्रोश है और समय आने पर सरकार को माकूल जवाब देंगे। गहलोत ने कहा कि वर्तमान सरकार में ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है। आमजन का कोई काम नहीं हो रहा है। विकास के सारे काम रूके पड़े हैं। जनप्रतिनिधियों की हालत खराब है। भाजपाई विधायक तक अपने क्षेत्र के लोगों के बीच जा नहीं पा रहे हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त खनिज विभाग, एनआरएचएमए, यूडीएच और जलदाय विभाग के कई अधिकारी आज सलाखों के पीछे बैठे हैं। जयपुर विकास प्राधिकरण एवं जयपुर पुलिस आयुक्तालय को भ्रष्टाचार के अड्डे के रूप में जाना जाने लगा है। चारों ओर हाहाकार मचा है। कांग्रेस सरकार ने नि:शुल्क दवा एवं जांच योजना लागू की थी, जिसकी विश्व स्तर पर सराहना की गयी थी। वर्तमान सरकार ने पता नहीं किन कारणों से बीमा आधारित स्वास्थ्य योजना लागू की गई है, जिसमें भंयकर भ्रष्टाचार होने की गुंजाइश है। मिलीभगत की बीमा आधारित इस योजना में कितने घोटाले होंगे, कोई कल्पना नहीं कर सकता। अस्पतालों में दवाईयां मिलती नहीं है। भर्ती मरीजों से इतने कागजात पूछे जाते हैं कि मरीज अपना इलाज करवाये या कागजात पेश करता फि रे। कांग्रेस सरकार ने राजस्थान की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली रिफ ाइनरी परियोजना बाड़मेर में स्थापित करने के लिए भागीरथी प्रयास किये थे, लेकिन श्रेय कांग्रेस सरकार को नहीं मिले इस कारण वसुन्धरा सरकार ने आज तक उसे लटका रखा है।

– जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी

ashok-gehlotदुर्भाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले झालावाड में परवन सिंचाई परियोजना को भी हाथ में लिया गया था, इस योजना से कोटा और बारां को भी लाभ मिलता। मुख्यमंत्री ने पूर्वाग्रह के चलते इस परियोजना को भी सिर्फ इसलिए अटका दिया क्योंकि इसकी शुरूआत भी कांग्रेस सरकार ने की थी। लोकतंत्र में सरकारें आती-जाती हैं, लेकिन पिछली सरकार द्वारा शुरू किये गये विकास के कामों को कभी बंद नहीं किया जाता। इस सरकार ने ऐसी हरकतें की है कि जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। राजधानी जयपुर में पूर्ववर्ती सरकार ने मेट्रो रेल का सपना पूरा करने का प्रयास किया लेकिन वर्तमान सरकार मुख्य दूसरे फेज सीतापुरा से अम्बाबाडी तक 22 किमी को भी आगे नहीं बढाया। अगर इस सरकार ने इस विषय में आगे कदम बढ़ाया होता तो वाहवाही होती एवं आम जनता को लाभ मिलता। गहलोत ने आरोप लगाया कि करोड़ों रूपए खर्च करके किया रिसर्जेंट राजस्थान महज उद्योगपतियों का स्नेह मिलन साबित हो गया। इस दौरान कितने एमओयू किये गये और कितने धरातल पर आये, यह सरकार ही बेहतर बता सकती है। मैं कहना चाहूंगा कि जनता की गाढ़ी कमाई को इस तरह अपव्यय करने का उन्हें कोई नैतिक अधिकार नहीं है। प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चौपट है। एके-47 से आमजन तो क्या विधायकों तक पर हमले हो रहे है। दलितों और महिलाओं पर विशेष रूप से अत्याचार बढ़ रहे है। डेल्टा प्रकरण में एक दलित छात्रा के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या की सीबीआई जांच कराने में राज्य सरकार विफ ल रही है। प्रदेश में शराबबंदी और सशक्त लोकपाल की मांग को लेकर सत्याग्रही पूर्व विधायक गुरूशरण छाबड़ा की मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों की संवेदनहीनता एवं संवादहीनता के कारण जान चली गयी। इसे जनता कभी माफ नहीं करेगी।
गहलोत ने कहा कि वर्तमान सरकार ने किसानों के लिए तीन साल में कुछ नहीं किया। किसानों को ना तो खाद एवं बीज मिल रहा है और उनको अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है। सरकार को भारी अव्यवस्थाओं के बीच खाद व बीज बेचने के लिए पुलिस थानों तक का सहारा लेना पड़ा है। किसानों को 24 घण्टे घरेलू बिजली एवं 8घण्टे कृषि बिजली उपलब्ध कराने का वादा भी हकीकत नहीं बन पाया है। वसुंधरा सरकार कर्मचारियों के प्रति उदासीन रवैया अपनाये हुए है। पहले तो इस सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार द्वारा दी गई सुविधाओं को धीमे-धीमे छीन लिया और अब 7वें वेतन आयोग की सिफ ारिशों को लागू करने के बारे में उदासीन बनी हुई है। कर्मचारियों में इसको लेकर रोष व्याप्त है। मंहगाई को मुद्दा बनाकर सत्ता में आयी भाजपा सरकार ने महंगाई की मार कम करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। दालें 200 किलो तक बिकी। प्याज 80 रूपए, टमाटर 100 रूपए और आलू 40 रूपए तक बिक चुका है। रोडवेज बसों का किराया, पानी-बिजली सभी कुछ महंगा हो गया है।

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