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जयपुर। पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे और शिव से भाजपा विधायक मानवेन्द्र सिंह ने आज शनिवार को पचपदरा में आयोजित स्वाभिमान रैली में भाजपा को अलविदा कह दिया है। राजपूत समाज के लाखों बंधुओं की मौजूदगी में मानवेन्द्र सिंह ने कहा कि अब धैर्य की सीमा समाप्त हो गई है।

अब वे खुलकर बोलेंगे, कमल का फूल मेरी भूल रही है। 2014 में मेरे पिता जसवंत सिंह को बाड़मेर लोकसभा सीट से टिकट नहीं मिला तो मैंने पीएम पद के उम्मीदवार व गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बात की थी, लेकिन उन्होंने टिकट नहीं मिलने के पीछे अपनी असमर्थता जताई और कहा था कि मैं कुछ नहीं कर सकता। साथ ही पार्टी के दो-तीन वरिष्ठ नेताओं ने भी यहीं बात दोहराई।

चुनाव के बाद गत राजस्थान में हो रहे गलत कार्यों के बारे में भी पार्टी नेतृत्व को अवगत कराते रहे, लेकिन किसी ने भी सुनवाई नहीं की। ऐसे में हमें लगा कि पार्टी में स्वाभिमान वाले लोग नहीं रह गए हैं। स्वाभिमान रैली के माध्यम से कहना चाहते हैं कि कमल का फूल मेरी फूल रही। मानवेन्द्र सिंह की पत्नी चित्रा सिंह ने कहा कि अब हम भाजपा में नहीं रहेंगे। अब समाज इस बारे में निर्णय करेगा। रैली के दौरान कांग्रेस के समर्थन में जमकर नारे लगे।

रैली में आनन्दपाल सिंह की मां निर्मल कंवर, सुखदेव सिंह गोगामेडी, दुर्ग सिंह चौहान समेत कई राजपूत पदाधिकारी व नेता शामिल रहे। उधर, मानवेन्द्र सिंह के इस कदम से भाजपा को झटका लगा है। पहले से ही राजपूत समाज पार्टी से नाराज चल रहा था। अब एक राजपूत नेता व विधायक के पार्टी छोडऩे से पार्टी को मारवाड़ में काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है। मानवेन्द्र सिंह दूसरे विधायक हैं, जिन्होंने पार्टी में रहते हुए भाजपा को अलविदा कहा। इससे पहले घनश्याम तिवाड़ी भी पार्टी को अलविदा कर चुके हैं और भारत वाहिनी के नाम से दल बना लिया है।

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