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जयपुर। प्रतापनगर और सांगानेर में इन अवैध निमार्णों का बाढ़ सी आ गई है। इलाके की छोटी छोटी गलियों में अवैध व्यावसायिक इमारतों, बहुमंजिला भवनों और आवासन मंडल के मकानों में ये कांप्लेक्स बना दिए हैं। इनमें किसी में भी नियम-कायदे कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। नगर निगम और जेडीए के अधिकारी शिकायतें होने पर आते तो हैं लेकिन देख कर सुविधा शुल्क लेकर चले जाते हैं। स्थानीय निवासियों में रोष व्याप्त है। उन्होंने नगर निगम और जेडीए से इन कांप्लेक्सों को सीज करने की मांग की है। सांगानेर के प्रतापनगर श्योपुर रोड स्थित प्रज्ञाक्षत नाम की एक बिल्डिंग पूरी तरह आवासीय मकान में बनी हुई है। मकान नंबर 6/1 में बनी इस इमारत में 20 दुकानों का अवैध कांप्लेक्स खड़ा कर दिया है। दुकानों को लीज पर दिया जा रहा है। भवन मालिक यह नहीं बता रहा है कि भवन अवैध रुप से बना हुआ है। इससे यहां दुकान लेने वालों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। इसे लेकर स्थानीय निवासियों में रोष व्याप्त है। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम और जेडीए के अधिकारियों को शिकायत भी की गई लेकिन वे यहां आते तो हैं, लेकिन जेब गरम करके चलते बनते हैं। इस अवैध निर्माण को कभी भी नहीं रोका और ना ही सीज करने की कार्रवाई की। अफसरों की मिलीभगत को देखते हुए मामले की शिकायत लोकायुक्त राजस्थान में की जा रही है, जिससे दोषी अफसरों के साथ भू-कारोबारी के अवैध कॉम्पलैक्स पर कार्रवाई हो सके। इस अवैध कांप्लेक्स के निर्माण में किसी भी तरह के सेटबैक की पालना नहीं की गई है। मात्र 250 वर्गगज के मकान में तहखाने से लेकर तीन मंजिला दुकानें, आफिस बनाए गए है। वाहनों की पार्किंग तक की जगह नहीं छोड़ी गई है। कई सारी शिकायतों के बाद भी नगर निगम ना जेडीए कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है। इलाके के निवासियों ने भी अब ठान लिया है कि जल्द ही भवन को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी क्योंकि यह भवन भाजपा सरकार में बना था। अफसर भी सुविधा शुल्क पहुंचने के कारण कार्रवाईनहीं कर रहे थे। कांग्रेस सरकार आने के बाद निवासियों के हौंसले बुलंद है। अब इस सारे मामले की उच्चस्तर पर शिकायत कर कार्रवाई की जाएगी जिससे भवन जल्द से जल्द सीज हो सके।

गौशाला के सामने भी बना दी दस दुकानें
सांगानेर टोंक रोड पर चौधरी पेट्रोल पंप के सामने मियां बजाज गली में पूरा का पूरा अवैध कांप्लेक्स खड़ा कर लिया। ये गली मात्र 20 फीट की है। इस गली में आमने-सामने दो गाड़ियां भी निकल नहीं सकती। इसके बाद भी चार मंजिला कांप्लेक्स खड़ा कर लिया। नगर निगम और जेडीए के अधिकारियों की मिलीभगत से हुए इस अवैध कांप्लेक्स के निर्माण से कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। पूरी बिल्डिंग में पार्किंग की सुविधा नहीं हैं। इसके अलावा भवन में आग लगने की स्थिति में फायर बिग्रेड की गाड़ी भी वहां से नहीं जा सकती। भवन का निर्माण करने में सारे नियम कायदे कानूनों की धज्जियां उड़ाई गई है। किसी भी तरह से सेटबैंक नहीं छोड़ा गया है। चारों तरफ से सैटबैक कवर कर लिया गया है। भवन के चालू होने पर पार्किंग की तो जगह मिलेगी ही नहीं साथ में आने-जाने में भी परेशानी होगी। जेडीए और नगर निगम की टाउन प्लानिंग के अनुसार 20 फीट चौड़ी सड़क पर चार मंजिला भवन का निर्माण नहीं किया जा सकता है। मात्र दो मंजिला भवन का निर्माण ही किया जा सकता है। ऐसे में यहां होने वाला निर्माण पूरी तरह अवैध है। इसी तरह सांगानेर फ्लाईओवर पर गोगिया पेट्रोल पंप के आमन-सामने दो कांप्लेक्सों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें भी नियमों और कायदे-कानून का उल्लंघन किया जा रहा है। इनमें भी नियमों और कायदे-कानून का उल्लंघन किया जा रहा है। पेट्रोल पंप के सामने स्लिप लेन की 20 फीट जमीन जेडीए ने खातेदार से सड़क निर्माण के लिए ली थी। इससे बची हुई जमीन मुख्य सड़क पर आ गई। भूखंड मालिक ने इसका फायदा उठाते हुए यहां करीब 50 दुकानों का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर भी फ्रंट सैट बैक में भी पार्किंग की जगह नहीं छोड़ी गई। उलटा जनता की निगाह से बचाने के लिए टीन शैड लगा कर निर्माण ढक दिया है।

अफसर आए, मौका देखा, चलते बने
इसी तरह पिंजरापोल गौशाला के सामने, बैंक आफ बड़ौदा के पास दस दुकानों का अवैध निर्माण हो गया और जेडीए के अधिकारी देखते रहे। स्थानीय निवासियों ने इसकी जेडीए में शिकायत भी की तो जेडीए के अधिकारी उल्टा अवैध निर्माण को पुराना निर्माण बताकर चले गए। भवन मालिक अवैध रुप से बनी इन दुकानों को किराए पर दे रहा है। लोगों का कहना है कि यहां पहले से ही पार्किंग की समस्या बनी हुई है। दुकानें किराए पर चली गई तो पैर रखना भी मुश्किल हो जाएगा।

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