Disclosure: Parents guilty of raping and killing daughter

नई दिल्ली। इन्सान नफरत में इस कदर अंधा हो जाता है कि वो यह जान ही नहीं पाता कि वो क्या सही कर रहा है और क्या गलत बस उसे अपनी नफलत दिखाई देती है और 24 घंटे वो जिससे नफलत करता है उसके बारे में बूरा सोजने में ही उसका सारा समय जाता है। और कभी-कभार तो यह यहां तक बढ़ जाती है कि अपराध की शक्ल ले लेती है ऐसी ही एक नफरत से सनी घटना है भोपाल की जहां बहुचर्चित छह साल की बच्ची की मौत के मामले में छह महीने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है. सागर फॉरेंसिंग लेब से आई डीएनए रिपोर्ट से बच्ची की मौत की गुत्थी सुलझ गई है. रेप और कत्ल को मासूम के पिता ने ही अंजाम दिया था, क्योंकि वह उसे अपनी बेटी नहीं मानता था. दरअसल, बच्ची की मौत के पीछे रेप और हत्या जैसे घिनौने खेल की गहरी साजिश छुपी है, जिसके चलते कभी सुसाइड तो कभी हादसा और फिर हत्या के पहलू पर तफ्तीश की गई. आखिरकार फोरेंसिक सबूत के जरिए पुलिस ने कातिल को खोज निकाला. 15 मार्च को कोहेफिजा थाना क्षेत्र के बरेला में रहने वाली छह साल की बच्ची की लाश उसके घर में ही फांसी के फंदे पर लटकी मिली थी.

कोहेफिजा पुलिस मामले को खुदकुशी मान रही थी, लेकिन सागर की फोरेंसिंग लेब में बच्ची के कपड़ों की जांच की गई, तो रेप की पुष्टि हुई.पुलिस ने फॉरेंसिंक रिपोर्ट के बाद अज्ञात पर रेप और हत्या का मामला दर्ज किया था. पुलिस ने केस दर्ज कर बच्ची से जुड़े 11 लोगों का डीएनए टेस्ट करने के लिए सैंपल भेजे थे. पुलिस को मिली डीएनए रिपोर्ट में बच्ची का आरोपी ओर कोई नहीं बल्कि उसका पिता इकबाल (बदला हुआ नाम) निकला. बताया जा रहा है कि इकबाल अपनी छह साल की बच्ची को अपना नहीं मानता था. उसे शक था कि ये बच्ची उसकी नहीं है. इसलिए उसने 15 मार्च को बच्ची से रेप किया और उसे फांसी के फंदे पर लटकाकर वापस दुकान चला गया. किसी को शक नहीं हो, इसलिए उसने अपना मोबाइल फोन भी दुकान पर ही रखा था. पुलिस ने आरोपी इकबाल को कस्टडी में ले लिया है।

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