-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे 29वीं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस (एनसीईजी) का शुभारंभ
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मिनि​मम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के विजन को साकार करने में डिजिटल गवर्नेंस देश में परिवर्तन का सशक्त माध्यम बना है। प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकारी सेवाओं की पहुंच, गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा नागरिकों और शासन के बीच की दूरी लगातार कम हुई है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को 29वीं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस (एनसीईजी) के संबंध में राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में आयोजित प्रेस वार्ता में यह बात कही। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में डिजिटल गवर्नेंस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए आरआईसी, जयपुर में 1 एवं 2 जुलाई को आयोजित होने वाली 29वीं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस देशभर के नीति-निर्माताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, स्टार्टअप्स एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान करेगी, जहां भविष्य की तकनीक आधारित, एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल शासन व्यवस्था पर व्यापक मंथन होगा। सम्मेलन का आयोजन केन्द्रीय प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इस वर्ष की थीम ‘विकसित भारत 2047: एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस’ रखी गई है। इस दौरान केन्द्रीय प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के अतिरिक्त सचिव पुनीत यादव तथा सरिता चौहान, सूचना प्रौद्यो‍गिकी एवं संचार विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर, आयुक्त हिमांशु गुप्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे। कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन बुधवार, 1 जुलाई को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ भी उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान एनसीईजी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जाएगा तथा प्रदेश की विभिन्न जनउपयोगी डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ भी होगा। गुरुवार, 2 जुलाई को समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के मुख्य आतिथ्य में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार— 2026 प्रदान किए जाएंगे। दो दिवसीय सम्मेलन में 2,700 से अधिक प्रतिनिधि, 200 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ता, भारत सरकार के वरिष्ठ सचिव, विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, 400 से अधिक शिक्षाविद, 1,100 से अधिक स्टार्टअप्स एवं उद्यमी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा शोधकर्ता भाग लेंगे। सम्मेलन में 6 प्लेनरी सेशन एवं 6 ब्रेकआउट सेशन आयोजित होंगे, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित गवर्नेंस, सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, स्मार्ट पुलिसिंग, पब्लिक सेफ्टी, डीप टेक, वॉयस-फर्स्ट सॉल्यूशंस तथा भविष्य की डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विशेषज्ञ विचार साझा करेंगे। कॉन्फ्रेंस परिसर में 42 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल्स लगाए गए हैं, जहां केंद्र एवं विभिन्न राज्यों के डिजिटल नवाचारों के साथ राजस्थान सरकार की प्रमुख ई-गवर्नेंस परियोजनाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। राजस्थान सरकार जन आधार, ई-मित्र, राजस्थान संपर्क-181, राजकाज, राज किसान साथी, स्मार्ट गवर्नेंस एवं स्टेट डेटा सेंटर सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करेगी। सम्मेलन के दौरान आईटी प्लेटफॉर्म एवं बिल्डिंग ब्लॉक्स हैंडबुक का भी विमोचन किया जाएगा। डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों एवं परियोजनाओं को सम्मेलन के दौरान 16 राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार (स्वर्ण एवं रजत) तथा एक विशेष जूरी पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। सम्मेलन के अंतर्गत आईएसबी, हैदराबाद के सहयोग से राजस्थान एआई बिल्डर्स पिच-ए-थॉन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 1,700 स्टार्टअप्स ने भागीदारी दर्ज कराई है। श्रेष्ठ तीन स्टार्टअप्स को क्रमशः एक लाख, पचास हजार एवं पच्चीस हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही चयनित स्टार्टअप्स को आईएसबी, हैदराबाद के विशेष मेंटरशिप एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ मिलेगा। म्मेलन में नैसकॉम नॉलेज पार्टनर के रूप में सहयोग कर रहा है। वहीं मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान सहित देश के प्रमुख शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों को भी सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है।

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