नई दिल्ली। शाहदरा डिस्ट्रिक्ट का गांधी नगर इलाका। यहां मंदिर के एक पुजारी को जब पत्नी के अवैध संबंधों के बारे में पता चला तो पत्नी को गांव से दिल्ली ले आया। यहां आने के बाद उसने पत्नी के सामने शर्त रख दी कि अगर वह प्रेमी की हत्या करने में उसका साथ देगी, तभी वह उसे अपने साथ रखेगा। साजिश के तहत पत्नी ने प्रेमी को फोन करके दिल्ली बुला लिया। मंदिर की छत पर बने स्टोर रूम में पति-पत्नी ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। नवरात्रि के समय में पति-पत्नी ने तीन दिन तक शव को यहीं छिपाकर रखा। शव से बदबू आने लगी तो शव पर कंबल डाला और मिट्टी तेल छिड़क कर शव को जलाने की कोशिश की। पुलिस ने मंदिर के पुजारी लखन दूबे (30) और उसकी पत्नी कमलेश (26) को अरेस्ट कर लिया। मृतक की पहचान चंद्रशेखर दूबे (35) के रूप में हुई। मर्डर समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक लखन दूबे मूलरूप से यूपी में मथुरा का रहने वाला है। वह कैलाश नगर की गली नंबर-4 के प्राचीन शिव मंदिर में पुजारी था।

कुछ समय पहले तक उसकी पत्नी कमलेश गांव में रहती थी। कमलेश का पड़ोस में रहने वाले चंद्रशेखर से संबंध था। उनके प्रेम संबंधों के बारे में लखन को पता चल गया। ढाई महीने पहले वह पत्नी को गांव से दिल्ली ले आया। यहां लाने के बाद पत्नी को डराया-धमकाया तो कमलेश ने चंद्रशेखर के साथ अपने प्रेम संबंधों के बारे में बता दिया। लखन ने कहा था कि वह उसे तभी साथ रखेगा, जब वह चंद्रशेखर को मारने में उसका साथ देगी। पत्नी ने सहमति जता दी।

पूरी प्लानिंग के तहत कमलेश ने रविवार को चंद्रशेखर के पास फोन किया। पति के घर से कहीं बाहर जाने की बात कहकर चंद्रशेखर को दिल्ली बुला लिया। प्रेमिका के कहने पर वह उसी शाम दिल्ली पहुंच गया। कमलेश प्रेमी को मंदिर के ऊपर बने स्टोर रूम में लेकर गई। चंद्रशेखर को वहां बैठाने के बाद वह चाय लेने के बहाने नीचे आ गई। कुछ देर बाद पति-पत्नी दोनों स्टोर रूम में पहुंच गए। उन्होंने मिलकर पहले चंद्रशेखर का रस्सी से गला घोंट दिया। फिर चाकू से सिर पर कई वार किए। उनकी योजना था कि शव को करीब दो किलोमीटर दूर यमुना खादर में कहीं ठिकाने लगाया जाए, लेकिन पुलिस की गश्त और लोगों की आवाजाही की वजह से वह शव को ठिकाने नहीं लगा पाए। शव से जब बदबू आने लगी तो उसने मिट्टी का तेल डालकर शव में आग लगा दी। इसके बाद वह नीचे मंदिर में आकर पूजा पाठ में लग गए।

लखन ने पूछताछ में बताया कि स्टोर रूम में जाने का रास्ता बाहर से है। कोई आता-जाता नहीं है। इससे पुलिस उनके ऊपर शक नहीं करेगी। इसलिए उसने खुद ही पुलिस को फोन करके स्टोर रूम में आग लगने की सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो उसे शव बरामद हुआ। लखन ने पुलिस को कहानी बताई कि किसी ने उसे मारकर स्टोर रूम में पहुंचा दिया, लेकिन कहीं भी खून के निशान नहीं थे और शव भी दो-तीन दिन पुराना लग रहा था। पुलिस अफसरों ने जब सख्ती बरती तो लखन ने मर्डर की पूरी कहानी से पर्दा उठा दिया। इसके बाद पुलिस ने लखन और उसकी पत्नी को अरेस्ट कर लिया।

 

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